टायफाइड में लहसुन और लौंग का देसी नुस्खा क्यों असरदार है? जानिए साइंस और आयुर्वेद का रहस्य
टायफाइड में लहसुन और लौंग का देसी नुस्खा क्यों असरदार है? जानिए साइंस और आयुर्वेद का रहस्य
टायफाइड: शरीर को तोड़ देने वाली बीमारी
टायफाइड (Typhoid) एक गंभीर बुखार है जिसमें मरीज को तेज बुखार, कमजोरी, बदन दर्द और थकान सताने लगती है। दवाइयों के साथ अगर घरेलू नुस्खे अपनाए जाएं तो रिकवरी तेज़ हो सकती है।
ऐसा ही एक असरदार नुस्खा है — लहसुन और लौंग का पानी।
लहसुन और लौंग का पानी क्यों असरदार है?
🌿 आयुर्वेदिक नजरिया
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लहसुन (Garlic / लहसुन):
आयुर्वेद में इसे रसायन माना गया है, यानी रोगों से लड़ने की ताकत देने वाला। यह अंतड़ियों की सूजन और संक्रमण कम करता है। -
लौंग (Clove / लौंग):
लौंग को “कृष्ण सुगंधित औषधि” कहा गया है। यह कीटाणुनाशक है, बुखार कम करती है और पाचन शक्ति को बेहतर बनाती है।
🧪 आधुनिक विज्ञान
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लहसुन में Allicin पाया जाता है, जो एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों वाला है।
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लौंग में Eugenol पाया जाता है, जो इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है।
👉 दोनों को मिलाकर जब पानी में उबाला जाता है तो यह एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक ड्रिंक बन जाता है।
🏠 कैसे बनाएं लहसुन और लौंग का पानी?
सामग्री:
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2 लौंग
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2 लहसुन की कलियां
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1 लीटर पानी
विधि:
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पानी को बर्तन में लें।
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उसमें लौंग और लहसुन डालकर 10 मिनट उबालें।
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ठंडा होने पर रोगी को दिन में 2–3 बार थोड़ा-थोड़ा करके पिलाएं।
⚠️ ध्यान रखें
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यह नुस्खा सिर्फ सपोर्टिव ट्रीटमेंट है, टायफाइड की दवा के साथ ही उपयोग करें।
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केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें, डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
लहसुन और लौंग का पानी टायफाइड मरीज की रिकवरी में मददगार हो सकता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं और संक्रमण से लड़ने में सहायक होते हैं।
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