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पितृ तर्पण की पहली वेदी: आदिगंगा पुनपुन का धार्मिक और पौराणिक महत्व

पितृ तर्पण की पहली वेदी: आदिगंगा पुनपुन का धार्मिक और पौराणिक महत्व पितृपक्ष में गया जाने से पहले पुनपुन नदी में पिंडदान क्यों किया जाता है? पितृपक्ष आते ही देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनके निमित्त श्राद्ध, तर्पण तथा पिंडदान करने [...]

रानी दुर्गावती जयंती

रानी दुर्गावती जयंती आज ********************* रानी दुर्गावती जयंती गोंडवाना साम्राज्य की महान और निडर शासक, रानी दुर्गावती की जयंती (जन्मदिन) है, जो प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को मनाई जाती है। यह दिन उनकी वीरता, कुशल प्रशासन और देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करने और उन्हें सम्मान देने के [...]

बाली, सुग्रीव और जामवंत वानर-भालू रूप में क्यों दिखते हैं, जबकि उनकी पत्नियाँ स्त्री रूप में?

बाली, सुग्रीव और जामवंत वानर-भालू रूप में क्यों दिखते हैं, जबकि उनकी पत्नियाँ स्त्री रूप में? 🕉️🌺 रामायण से जुड़ा एक प्रश्न अक्सर लोगों के मन में आता है— यदि बाली, सुग्रीव, केसरी और अन्य पात्रों को वानर रूप में दिखाया जाता है तथा जामवंत को ऋक्ष यानी भालू के [...]

रुष्ट पितृ शांति साधना: पितृपक्ष में लोक-साबर मंत्र, विधि और सावधानियाँ

।। ॐ पितृ देवाय नमः ।। रुष्ट पितृ शांति साधना: पितृपक्ष में लोक-साबर मंत्र, विधि और सावधानियाँ क्या पितृपक्ष में पितरों का स्मरण केवल श्राद्ध और तर्पण तक सीमित है? भारतीय सनातन परंपरा में पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का विशेष महत्व है। श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान, दान, ब्राह्मण भोजन [...]

क्या होता है मुहूर्त

क्या होता है मुहूर्त *************** कैसे बदल सकता है ये आपका भाग्य ======================== मुहूर्त को भारतीय ज्योतिष में किसी कार्य विशेष को प्रारंभ एवं संपादित करने हेतु एक निर्दिष्ट शुभ समय कहा गया है। ज्योतिष के अनुसार शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करने से कार्य बिना किसी रुकावट के और [...]

क्या गुरुवार को बाल धोना वर्जित है? जानिए शास्त्र, परंपरा और मान्यता का सच

क्या गुरुवार को बाल धोना वर्जित है? जानिए शास्त्र, परंपरा और मान्यता का सच 🌿🕉️ “क्या गुरुवार को सिर धोना या घर में झाड़ू-पोंछा करना अशुभ माना गया है?” भारतीय परिवारों में लंबे समय से यह मान्यता सुनने को मिलती है कि गुरुवार के दिन महिलाओं को बाल नहीं धोने [...]