Search for:

नित्य और अनित्य पितर गण: पितृलोक, पितृआत्मा और पितृपक्ष की पारंपरिक मान्यता

नित्य और अनित्य पितर गण: पितृलोक, पितृआत्मा और पितृपक्ष की पारंपरिक मान्यता भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में पितरों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। सनातन परंपरा में यह विश्वास रहा है कि मनुष्य केवल अपने वर्तमान जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके पूर्वजों, वंश-परंपरा और संस्कारों का भी उसके [...]

कलियुग के प्रति भगवान की चिंता और श्री जयदेव जी की दिव्य कथा 🙏🌺

कलियुग के प्रति भगवान की चिंता और श्री जयदेव जी की दिव्य कथा 🙏🌺 “कलियुग में भक्ति ही सबसे सरल मार्ग है।” सनातन परंपरा में कलियुग को ऐसा युग बताया गया है, जिसमें मनुष्य के जीवन में मोह, अहंकार, भ्रम और सांसारिक व्यस्तताएँ बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में कठिन [...]

पति का आधा पुण्य पत्नी को और पत्नी का आधा पाप पति को क्यों मिलता है?

पति का आधा पुण्य पत्नी को और पत्नी का आधा पाप पति को क्यों मिलता है? 🙏🕉️ सनातन धर्म में विवाह केवल दो व्यक्तियों का सामाजिक संबंध नहीं, बल्कि जीवन के धर्म, कर्तव्य और उत्तरदायित्व को साथ निभाने का संकल्प माना गया है। इसी कारण पत्नी को सहधर्मिणी कहा जाता [...]

भगवान श्री दत्तात्रेय जी की जन्म कथा

भगवान श्री दत्तात्रेय जी की जन्म कथा 🕉️🌺 🙏 ॐ द्रां दत्तात्रेयाय नमः 🙏 सनातन धर्म में भगवान श्री दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और महेश अर्थात त्रिदेवों के संयुक्त स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। भगवान दत्तात्रेय ज्ञान, योग, वैराग्य, तपस्या और आध्यात्मिक चेतना के महान प्रतीक माने जाते [...]

सोरायसिस (त्वचा विकार): आयुर्वेदिक दृष्टिकोण, आहार और सावधानियां

सोरायसिस (त्वचा विकार): आयुर्वेदिक दृष्टिकोण, आहार और सावधानियां सोरायसिस (Psoriasis) एक दीर्घकालिक सूजन संबंधी त्वचा रोग है, जिसमें त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली, शुष्कता और पपड़ी बनने जैसी समस्या हो सकती है। इसके लक्षण समय-समय पर कम या अधिक हो सकते हैं। आयुर्वेद में विभिन्न त्वचा विकारों का वर्णन किया [...]

सोरायसिस रोगी के लिए विशेष निर्देश: आयुर्वेदिक देखभाल, आहार और सावधानियां

सोरायसिस रोगी के लिए विशेष निर्देश: आयुर्वेदिक देखभाल, आहार और सावधानियां सोरायसिस एक लंबे समय तक रहने वाली त्वचा संबंधी स्थिति है, जिसमें त्वचा पर लाल चकत्ते, सूखापन, मोटी पपड़ी और खुजली जैसी समस्या हो सकती है। इसके लक्षण व्यक्ति-व्यक्ति में अलग हो सकते हैं और समय-समय पर बढ़ या [...]