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हम धरती में 40,000 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा क्यों नहीं खोद पाए? कोला सुपरडीप बोरहोल का रहस्य

हम धरती में 40,000 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा क्यों नहीं खोद पाए? कोला सुपरडीप बोरहोल का रहस्य हम इंसान अंतरिक्ष में लाखों-करोड़ों किलोमीटर दूर मौजूद ग्रहों, तारों और आकाशगंगाओं का अध्ययन कर रहे हैं। हमने चंद्रमा की सतह पर कदम रखा, मंगल ग्रह पर रोवर भेजे और सौरमंडल के [...]

जन्मकुंडली के 12 भावों में केतु: जानिए किस भाव में क्या फल और कौन-से उपाय माने जाते हैं?

जन्मकुंडली के 12 भावों में केतु: जानिए किस भाव में क्या प्रभाव और कौन-से उपाय माने जाते हैं? वैदिक ज्योतिष में केतु को रहस्य, वैराग्य, आध्यात्मिकता, अंतर्मुखता, अचानक होने वाली घटनाओं और सांसारिक मोह से दूरी का कारक माना जाता है। केतु जिस भाव में स्थित होता है, ज्योतिषीय मान्यताओं [...]

श्रीकृष्ण की अंतिम लीला: व्याध जरा का बाण और भगवान के पृथ्वी से प्रस्थान की कथा

श्रीकृष्ण की अंतिम लीला: व्याध जरा का बाण और भगवान के पृथ्वी से प्रस्थान की कथा 🌺 यदुवंश का अंत हो चुका था। बड़े भाई बलराम भी अपनी लीला पूर्ण कर चुके थे। अब द्वारका के उस महानायक के जीवन में भी वह क्षण निकट था, जब उन्हें अपने मानव [...]

राजा दशरथ की पुत्री शांता और शृंगी ऋषि का विवाह: क्या इसी कथा से जुड़ा है भगवान श्रीराम का जन्म?

राजा दशरथ की पुत्री शांता और शृंगी ऋषि का विवाह: क्या इसी कथा से जुड़ा है भगवान श्रीराम का जन्म? जिस राजकुमारी को अयोध्या से दूर कर दिया गया, वही आगे चलकर उस कथा की महत्वपूर्ण कड़ी बनीं, जिसे परंपरा भगवान श्रीराम के जन्म से जोड़ती है। आखिर कौन थीं [...]

जन्माष्टमी व्रत की विशेष महिमा: उपवास, रात्रि-जागरण और श्रीकृष्ण भक्ति का महत्व

जन्माष्टमी व्रत की विशेष महिमा: उपवास, रात्रि-जागरण और श्रीकृष्ण भक्ति का महत्व 4 सितंबर — श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सनातन परंपरा का एक अत्यंत पावन पर्व है। यह केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का दिन नहीं, बल्कि उपवास, जप, ध्यान, भक्ति और आत्मसंयम के माध्यम से स्वयं को भगवान [...]

भगवान विष्णु के 10 अवतार: सृष्टि से कल्कि अवतार तक की कथा

भगवान विष्णु के दिव्य अवतार: सृष्टि की रचना से कल्कि अवतार तक धर्म की अनंत गाथा सृष्टि के आरंभ से भी पहले का वह समय था, जब न पृथ्वी थी, न आकाश, न सूर्य का प्रकाश और न चंद्रमा की शीतलता। समय का भी कोई अस्तित्व नहीं था। चारों ओर [...]