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🌸 ऋतुकाल के बाद योनि और गर्भाशय मार्ग में होने वाले परिवर्तन | आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान की दृष्टि

🌺 ऋतुकाल के बाद संकुचन का आयुर्वेदिक वर्णन महर्षि सुश्रुत एक सुंदर उपमा देते हुए कहते हैं कि जिस प्रकार दिन समाप्त होने पर कमल का फूल स्वाभाविक रूप से संकुचित हो जाता है, उसी प्रकार स्त्री में ऋतुदान (ऋतुकाल) समाप्त होने पर योनि और गर्भमार्ग में भी संकुचन की [...]

🌸 आर्तव स्त्राव की युक्ति (Menstrual Flow Mechanism) | आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान का समन्वय

🌺 आर्तव स्त्राव की आयुर्वेदिक व्याख्या महर्षि सुश्रुत के अनुसार, दो धमनियों (channels) के माध्यम से एक माह तक एकत्रित हुआ किंचित कृष्ण वर्ण (हल्का गहरा रंग) और विशिष्ट गंध वाला आर्तव, उचित समय पर अपान वायु के सहयोग से योनि मार्ग द्वारा बाहर निकल जाता है। 👉 यह प्रक्रिया [...]

🌸 स्त्रियों का आर्तवकाल और रजोनिवृत्ति (Menopause) | आयुर्वेदिक दृष्टि से संपूर्ण समझ

🌺 स्त्रियों का आर्तवकाल (Menstrual Cycle in Ayurveda) महर्षि सुश्रुत के अनुसार स्त्रियों में आर्तव-शोणित (मासिक धर्म) सामान्यतः लगभग 12 वर्ष की आयु से प्रारंभ होकर 50 वर्ष की आयु तक चलता है। 👉 यह अवधि हर स्त्री में समान नहीं होती।खान-पान, जलवायु, शरीर की प्रकृति (प्रकृति), जीवनशैली और स्वास्थ्य [...]