पितृ पक्ष में ब्राह्मणों को क्या दान करें? 🌹
पितृ पक्ष में ब्राह्मणों को क्या दान करें? 🌹
पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति और मोक्ष के लिए विशेष दान
📝 मेटा डिस्क्रिप्शन
पितृ पक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए दान का विशेष महत्व बताया गया है। जानिए पितृ पक्ष में ब्राह्मणों को क्या दान करना चाहिए—गोदान, अन्न दान, तिल दान, नमक और वस्त्र दान का महत्व।
✨ पितृ पक्ष का महत्व
हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों की स्मृति का विशेष काल माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस अवधि में पितर धरती पर आते हैं और अपने वंशजों से तर्पण, श्राद्ध और दान की अपेक्षा रखते हैं। श्रद्धा से किया गया दान न केवल पितरों को संतुष्टि देता है बल्कि वंशजों के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि भी लाता है।
⚜️ पितृ पक्ष के दौरान ब्राह्मणों को क्या दान करें?
1️⃣ गोदान
गाय को माता का स्वरूप माना गया है और इसमें 33 कोटि देवताओं का वास बताया गया है।
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श्राद्ध पक्ष में गोदान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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गोदान योग्य ब्राह्मण को ही करना चाहिए—जो यज्ञ करने वाला, धर्मनिष्ठ और दोषरहित हो।
2️⃣ अन्न दान
कलियुग में अन्न दान को महादान कहा गया है।
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पितृ पक्ष में ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को अन्न दान करना चाहिए।
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इससे पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं और परिवार में वंशवृद्धि होती है।
3️⃣ नमक दान
नमक के बिना भोजन अधूरा है, इसलिए श्राद्ध में इसका दान भी आवश्यक है।
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नमक दान करने से पितृ ऋण से मुक्ति मिलती है।
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यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके जीवन में सकारात्मकता लाता है।
4️⃣ तिल दान
काले तिल का श्राद्ध और तर्पण में विशेष महत्व है।
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बिना तिल अर्पण के जल पितरों तक नहीं पहुँचता।
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पितृ पक्ष में ब्राह्मणों को तिल दान करने से श्राद्ध जितना ही पुण्य मिलता है।
5️⃣ वस्त्र दान
पितरों को भी शीत-उष्ण का अनुभव होता है।
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श्राद्ध पक्ष में ब्राह्मणों को वस्त्र दान करने से पितर संतुष्ट होते हैं।
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उनका आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है और घर में सुख-शांति आती है।
पितृ पक्ष में ब्राह्मणों को श्रद्धा और निष्ठा से दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। चाहे गोदान हो, अन्न दान, तिल, नमक या वस्त्र—हर दान पितरों की आत्मा को शांति और वंशजों को सुख-समृद्धि दिलाने वाला है।
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