भगवान श्री गणेश के 32 मंगलकारी स्वरूप 🌺
भगवान श्री गणेश के 32 मंगलकारी स्वरूप 🌺
|| ॐ गं गणपतये नमः ||
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से की जाती है। उन्हें बुद्धि, विवेक और विघ्नहर्ता के रूप में पूजा जाता है। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी का स्मरण करने से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
धार्मिक ग्रंथ मुद्गल पुराण में भगवान गणेश के 32 मंगलकारी स्वरूपों का वर्णन मिलता है। हर स्वरूप का अपना विशेष महत्व है और ये स्वरूप भक्तों को अलग-अलग प्रकार से कल्याणकारी फल प्रदान करते हैं।
आइए जानते हैं श्री गणेश के 32 मंगलमय स्वरूप—
भगवान गणेश के 32 स्वरूप 🙏
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बाल गणपति – लाल रंग के शरीर और छह भुजाओं वाले।
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तरुण गणपति – आठ भुजाओं वाले रक्तवर्णी।
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भक्त गणपति – चार भुजाओं वाले श्वेतवर्णी।
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वीर गणपति – दस भुजाओं वाले रक्तवर्णी।
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शक्ति गणपति – चार भुजाओं वाले सिंदूरी रंग के।
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द्विज गणपति – शुभ्रवर्णी और चार भुजाओं वाले।
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सिद्धि गणपति – पिंगल वर्ण और छह भुजाओं वाले।
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विघ्न गणपति – स्वर्णवर्णी और दस भुजाओं वाले।
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उच्चिष्ठ गणपति – नीले रंग के और चार भुजाओं वाले।
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हेरम्ब गणपति – गौर वर्ण और आठ भुजाओं वाले।
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उद्ध गणपति – कनकवर्ण (स्वर्ण) और छह भुजाओं वाले।
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क्षिप्र गणपति – रक्तवर्णी और छह भुजाओं वाले।
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लक्ष्मी गणपति – गौर वर्ण और आठ भुजाओं वाले।
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विजय गणपति – रक्तवर्णी और चार भुजाओं वाले।
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महागणपति – रक्तवर्णी और आठ भुजाओं वाले।
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नृत्त गणपति – नृत्यमुद्रा में, रक्तवर्णी और छह भुजाओं वाले।
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एकाक्षर गणपति – रक्तवर्णी और चार भुजाओं वाले।
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हरिद्रा गणपति – पीले वर्ण और छह भुजाओं वाले।
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त्र्यैक्ष गणपति – तीन नेत्रों वाले स्वर्णवर्णी।
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वर गणपति – रक्तवर्णी और छह भुजाओं वाले।
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ढुण्डि गणपति – रक्तवर्णी और चार भुजाओं वाले।
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क्षिप्र प्रसाद गणपति – त्रिनेत्री, रक्तवर्णी और छह भुजाओं वाले।
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ऋण मोचन गणपति – लाल वस्त्रधारी और चार भुजाओं वाले।
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एकदन्त गणपति – श्यामवर्णी और छह भुजाओं वाले।
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सृष्टि गणपति – मूषक पर सवार, रक्तवर्णी और चार भुजाओं वाले।
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द्विमुख गणपति – दो मुख वाले, पीतवर्णी और चार भुजाओं वाले।
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उद्दण्ड गणपति – बारह भुजाओं वाले रक्तवर्णी, हाथ में कुमुदनी और अमृत पात्र।
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दुर्गा गणपति – लाल वस्त्रधारी और आठ भुजाओं वाले।
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त्रिमुख गणपति – तीन मुख वाले, रक्तवर्णी और छह भुजाओं वाले।
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योग गणपति – योगमुद्रा में विराजमान, नीले वस्त्रधारी और चार भुजाओं वाले।
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सिंह गणपति – श्वेतवर्णी, सिंहमुख वाले, आठ भुजाओं वाले।
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संकष्ट हरण गणपति – रक्तवर्णी, चार भुजाओं वाले, हीरक जड़ित मुकुटधारी।
✨ सारांश
भगवान गणेश के ये 32 स्वरूप भक्तों को अलग-अलग प्रकार से कल्याण, सिद्धि और मंगल प्रदान करते हैं। इनका ध्यान और उपासना जीवन से विघ्न दूर कर सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति कराती है।
|| ॐ गं गणपतये नमः || 🌺
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