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बेल (बिल्व) के अद्भुत औषधीय गुण और घरेलू उपयोग | Bael Medicinal Uses in Ayurveda

बेल (बिल्व) के औषधीय गुण और उपयोग: पेट रोगों से लेकर मधुमेह तक का आयुर्वेदिक वरदान

बेल, जिसे बिल्व भी कहा जाता है, आयुर्वेद में अत्यंत पवित्र और औषधीय वृक्ष माना गया है। यह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसके पत्ते, फल, जड़ और छाल का सेवन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी वरदान है।

🌿 प्रयोज्य अंग:

  • जड़

  • छाल

  • पत्ते

  • फूल

  • पके और कच्चे फल


🌟 मुख्य गुणधर्म:

बेल फल और पत्ते कफ और वात नाशक, भूख बढ़ाने वाले, पाचनशक्ति सुधारने वाले और रक्तशोधक हैं। यह खूनी बवासीर, श्वेत प्रदर, उलटी, कब्ज और आंतों की बीमारियों में अत्यधिक उपयोगी है।


🍵 पाचन और आंतों के रोगों में लाभ

  • अल्सरेटिव कोलाइटिस और संग्रहणी में बेल फल का शरबत या चूर्ण आंतों के घाव भरता है।

  • कच्चा फल दस्त, कफ विकार और आंतों की कमजोरी दूर करता है।

  • पका फल मधुर, बलवर्धक और हल्का रेचक है।

  • बेल की जड़ त्रिदोषनाशक है और ग्रहणी दोष व सन्निपात में लाभकारी है।

  • बेल में मौजूद लसदार पदार्थ आंतों की गति को संतुलित कर पाचन शक्ति बढ़ाता है।


🥣 बेल फल के विशेष उपयोग

  1. भुना हुआ कच्चा फल:
    रक्तातिसार, प्रवाहिका और पाचन कमजोरी में लाभकारी।

  2. पका फल:
    दिमागी गर्मी, सिरदर्द और मानसिक अशांति दूर करता है।

  3. बच्चों के दस्त:
    बेल का गूदा दस्त को रोकने में सहायक है।

  4. हैजा:
    बेल का शरबत हैजा के प्रकोप को रोकने में मदद करता है।


🩺 अन्य रोगों में औषधीय प्रयोग

  • ग्रहणी विकार: बेल चूर्ण, सोंठ और गुड़ के साथ मट्ठा में लें।

  • मधुमेह: बेल पत्र का रस शर्करा नियंत्रण में सहायक।

  • पीलिया, कब्ज और बवासीर: बेल पत्र का रस और काली मिर्च का सेवन लाभकारी।

  • घाव और फोड़े: बेल पत्र का पुलटिस बांधने से गहरे घाव भी ठीक होते हैं।

  • आंखों की लाली: बेल पत्र का रस आंखों में डालें, पुलटिस बांधें।

  • अनिद्रा: बेल और सेव का मुरब्बा शांति व नींद लाता है।

  • खांसी: बेल पत्र को जला कर शहद के साथ चटाएं।

  • जलोदर: बेल पत्र रस और छोटी पिपली का सेवन करें।

  • प्रमेह और प्रदर: बेल पत्तों का चूर्ण और खांड मिलाकर लें।


🧘‍♂️ बेल का आध्यात्मिक महत्व

बेल पत्र भगवान शिव को अर्पित किया जाता है। यह आध्यात्मिक शांति देने के साथ-साथ मन और मस्तिष्क को स्वस्थ बनाता है। आयुर्वेद में बेल को दैवी वरदान माना गया है।


बेल का हर हिस्सा औषधीय गुणों से भरपूर है। चाहे पाचन विकार हो, आंतों के घाव हों, या मानसिक शांति की आवश्यकता — बेल प्राकृतिक चिकित्सा का अमूल्य उपहार है।

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