गुरुवार की पूजा: घर में ना हो केले का पेड़ तो ऐसे करें पूजा 🌼
गुरुवार की पूजा: घर में ना हो केले का पेड़ तो ऐसे करें पूजा 🌼
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित है। परंपरागत रूप से इस दिन केले के पेड़ की पूजा की जाती है। लेकिन अगर आपके घर पर केले का पेड़ नहीं है, तो भी आप पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ गुरुवार की पूजा कर सकते हैं। केले का पेड़ केवल एक प्रतीक है, पूजा की असली शक्ति आपकी भक्ति में निहित है।
🪔 भगवान विष्णु की पूजा की तैयारी
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पूजा स्थल को साफ करें।
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चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
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उस पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
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पीला रंग भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इसे पूजा में अवश्य शामिल करें।
⚜️ आवश्यक पूजा सामग्री
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पीले फूल: जैसे गेंदे के फूल।
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पीले फल व मिठाई: केला, बेसन के लड्डू, गुड़ आदि।
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हल्दी: थोड़ी हल्दी और पानी मिलाकर पेस्ट बनाएं।
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जल का कलश: एक छोटे कलश में जल भरकर रखें।
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दीपक और धूप: गाय के घी का दीपक और अगरबत्ती।
🪔 पूजा विधि
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संकल्प – हाथ में जल लेकर अपनी मनोकामना पूरी होने का संकल्प लें।
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पूजन – भगवान विष्णु को पीले फूल, हल्दी का तिलक और गुड़ अर्पित करें।
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मंत्र जाप –
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यदि संभव हो तो विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
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अन्यथा “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जाप करें।
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🚩 बृहस्पति देव का ध्यान
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विष्णु पूजा के बाद बृहस्पति देव को हल्दी का तिलक लगाएं।
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अपनी मनोकामना प्रकट करें।
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अंत में विष्णु और बृहस्पति देव की आरती करें।
⚜️ कुछ महत्वपूर्ण बातें
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पूजा में सबसे ज़रूरी है आपकी भक्ति और मन की पवित्रता।
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चाहें तो प्रतीकात्मक रूप से केले का छोटा पौधा पूजा स्थल पर रख सकते हैं।
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व्रत के दिन पीले वस्त्र पहनना शुभ होता है।
🌹 निष्कर्ष
गुरुवार की पूजा का वास्तविक महत्व आस्था और श्रद्धा में है। केले का पेड़ न होने पर भी आप भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा पूरी श्रद्धा के साथ कर सकते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
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