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ब्रश नहीं, दातून थी असली आयुर्वेदिक मेडिसिन!

ब्रश नहीं, दातून थी असली आयुर्वेदिक मेडिसिन!

क्यों नीम-बबूल-खैर की दातून ही बचा सकती है आपको डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर से?

क्या आपको पता है —
सन 1990 से पहले डायबिटीज़ और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियाँ कितनी दुर्लभ थीं?
आज हर घर में एक न एक मरीज है — और इसकी एक बड़ी वजह है, हमारे दाँत साफ़ करने का तरीका!

पहले लोग नीम या बबूल की दातून से मुँह साफ़ करते थे,
अब टूथपेस्ट और माउथवॉश से “99.9% कीटाणु मारने” की होड़ है।
पर असल में वही 0.1% कीटाणु ही हमारे शरीर के लिए जिंदगी बचाने वाले थे!


⚡ क्यों टूथपेस्ट और माउथवॉश से बढ़ता है ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़?

माउथवॉश और स्ट्रॉन्ग टूथपेस्ट में मौजूद केमिकल्स हमारे मुँह के फायदेमंद बैक्टीरिया को भी खत्म कर देते हैं —
यही बैक्टीरिया नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) बनाने में मदद करते हैं,
जो हमारे ब्लड प्रेशर और इंसुलिन बैलेंस के लिए ज़रूरी होता है।

🧪 Journal of Clinical Hypertension (2004)
ने साफ़ कहा — नाइट्रिक ऑक्साइड की कमी = हाई ब्लड प्रेशर

🧪 British Dental Journal (2018)
ने पाया कि जो लोग दिन में दो बार माउथवॉश करते हैं,
उनमें डायबिटीज़ का खतरा 50% तक बढ़ जाता है!


🌿 दातून — वो देसी विज्ञान जिसे हमने भुला दिया!

गाँवों में आज भी लोग नीम-बबूल की दातून करते हैं,
और वहाँ डायबिटीज़, हाइपरटेंशन जैसे रोग बेहद कम मिलते हैं।

आयुर्वेद कहता है — “रोगा मुखादारभ्यं”

यानी शरीर के 90% रोग मुँह से शुरू होते हैं।


🪵 कौन सी दातून सबसे उत्तम है?

🌳 दातून का नाम ⚡ गुण / फायदे
नीम मसूड़ों की सूजन, बदबू, पायरिया खत्म; इम्युनिटी बढ़ाए
बबूल दाँतों में चमक, खून बहना रोके, ठंडक दे
खैर मसूड़ों को मजबूत करे, बैक्टीरिया नष्ट करे
जामुन डायबिटीज़ वालों के लिए श्रेष्ठ, मुँह की दुर्गंध हटाए
आम फ्रेशनेस और आत्मविश्वास दे
करंज कड़वाहट में छिपी दवा, पुराने रोग मिटाए

🪥 दातून करने की सही विधि (आयुर्वेद अनुसार)

1️⃣ ताज़ी पतली टहनी लें
2️⃣ एक सिरा चबाकर ब्रश जैसा बनाएं
3️⃣ हल्के हाथों से दाँत, मसूड़ों पर रगड़ें
4️⃣ जीभ की सफाई करें
5️⃣ गुनगुने पानी से कुल्ला करें
6️⃣ रोज़ नई दातून लें

“जो दातून करता है, उसे वैद्य के पास जाने की ज़रूरत नहीं।”


👉 टूथपेस्ट और माउथवॉश से सिर्फ दाँत नहीं, शरीर की सेहत भी प्रभावित होती है।
👉 दातून सिर्फ सफाई नहीं — यह प्राकृतिक औषधि है।
👉 नीम, बबूल, खैर, जामुन — ये सिर्फ पेड़ नहीं, जीवंत फार्मेसी हैं।

वापसी कीजिए — ब्रश से नहीं, दातून से शुरुआत कीजिए।
क्योंकि “प्रकृति के पास हर समस्या का समाधान है, बस हमें याद रखना है।” 🌿

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