सौभाग्य सुन्दरी व्रत आज
सौभाग्य सुन्दरी व्रत आज
***********************
हिंदू धर्म में मार्गशीर्ष का महीना तमाम तरह के पर्वों को लिए रहता है। इस पावन मास के कृष्णपक्ष की तृतीया तिथि पर महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना लिए हुए सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत रखती हैं। यह व्रत देवों के देव कहलाने वाले महादेव और माता गौरी यानि पार्वती की पूजा से जुड़ा है। इस दिन विवाहित और अविवाहित महिलाएं सुख-सौभाग्य की कामना लिए विधि-विधान से व्रत रखती हैं। हिंदू मान्यता के अनुसार जिस व्रत को करने से विवाह में आ रही अड़चनें दूर और सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कब रखा जाएगा सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत
=================================
सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत को मार्गशीर्ष माह या फिर कहें अगहन महीने के कृष्णपक्ष की तृतीया तिथि वाले दिन रखा जाएगा। यह पावन तिथि इस बार 08 नवंबर 2025, शनिवार के दिन पड़ेगी। इस व्रत को को विवाहित और अविवाहित दोनों स्त्रियां सुख-सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना लिए रखती हैं।
व्रत का धार्मिक और पौराणिक महत्व
================================
कहते हैं कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कई जन्मों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। इसी कथा की याद में यह व्रत रखा जाता है। ऐसा माना जाता है कि जो महिलाएं इस दिन पूरे श्रद्धा भाव से व्रत करती हैं, उनके दांपत्य जीवन में प्रेम, सुख और समृद्धि बनी रहती है।
सौभाग्य सुंदरी व्रत पूजा विधि
==========================
भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए समर्पित सौभाग्य सुंदरी व्रत को करने के लिए महिलाओं को प्रात:काल स्नान ध्यान करने के बाद घर के ईशान कोण में चौकी में लाल कपड़ा बिछाकर शिव और पार्वती की प्रतिमा या चित्र स्थापित करना चाहिए। इसके बाद माता पार्वती को 16 की संख्या में श्रृंगार की वस्तुएं और फल-फूल, धूप-दीप आदि अर्पित करना चाहिए। सौभाग्य सुंदरी व्रत वाले दिन पूजा में कथा कहें और उसके बाद श्रद्धा भाव से शिव पार्वती की आरती करें। मान्यता है कि सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत को विधि-विधान से रखने पर भगवान शिव और माता पार्वती का शीघ्र ही आशीर्वाद मिलता है।
सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत कथा
===========================
हिंदू मान्यता के अनुसार के अनुसार जब सती के पिता दक्ष ने उनके पति भगवान शिव का अपमान किया तो उससे दुखी होकर तो अग्निकुंड में समाहित हो गईं, लेकिन जाते वक्त उन्होंने अपने पिता से कहा कि वह जन्म में भगवान शिव की अर्धागिंनी रहेंगी। मान्यता है कि उनका अगला जन्म पार्वती के रूप में हुआ और उन्होंने कठिन तप और व्रत करके भगवान शिव को पति के रूप में अंतत: प्राप्त किया। मान्यता है कि इसी के बाद सौभाग्य सुंदरी तीज व्रत के माध्यम से मनचाहे जीवनसाथी और अखंड सुहाग के लिए व्रत की परंपरा चली आ रही है।
व्रत के लाभ
===============
धार्मिक मान्यता है कि सौभाग्य सुंदरी तीज का व्रत करने से विवाह में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम और सम्मान बढ़ता है। जो महिलाएं इस व्रत को पूरे विधि-विधान और श्रद्धा से करती हैं, उन्हें अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
मो. 9116089175
नोट- अगर आप अपना भविष्य जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए गए मोबाइल नंबर पर कॉल करके या व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर पहले शर्तें जान लेवें, इसी के बाद अपनी बर्थ डिटेल और हैंडप्रिंट्स भेजें।
![]()
