राष्ट्रीय बालिका दिवस आज
राष्ट्रीय बालिका दिवस आज
भारत का इतिहास बेटियों की शक्ति, सम्मान और समान अधिकार की कहानी है। राष्ट्रीय बालिका दिवस बेटियों के अधिकारों को प्रोत्साहित करने, उन्हें सम्मान और समानता देने का उत्सव है। हर वर्ष जनवरी माह को पूरे देश में यह दिवस मनाया जाता है, ताकि समाज और सरकार मिलकर बेटियों के अधिकार, उनके सपने और उनकी संभावनाओं को सम्मान दे सकें।
बालिका दिवस कब मनाते हैं?
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राष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 24 जनवरी को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह दिन 24 जनवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य समाज में लड़कियों के अधिकार और उनके सशक्तिकरण के लिए जागरूकता फैलाना है। राष्ट्रीय बालिका दिवस लड़कियों के अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समता पर व्यापक चर्चा और चेतना फैलाता है। यह दिन इस बात पर जोर देता है कि लड़कियों को समान अवसर देकर ही समृद्ध, सुरक्षित और समतावादी समाज बनाया जा सकता है।
राष्ट्रीय बालिका दिवस क्यों मनाया जाता है?
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• राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत 2008 में भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य निम्न बातों पर ध्यान देना है,
• लड़कियों को बराबर अवसर दिलाना – शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक अधिकार।
• लिंग आधारित भेदभाव को कम करना – कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह और भेदभाव को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाना।
• सामाजिक सोच बदलना – ताकि बेटियों को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिलें।
बालिका दिवस का इतिहास
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National Girl Child Day भारत सरकार द्वारा 2008 में शुरू किया गया ताकि लड़की बच्चों के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण और समान अवसर को बढ़ावा दिया जा सके। यह लड़कियों के साथ होने वाले भेदभाव, शिक्षा के अवसरों, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का एक अवसर है।
24 जनवरी को क्यों मनाया जाता है बालिका दिवस?
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24 जनवरी को इस दिन के रूप में इसलिए भी चुना गया क्योंकि यह भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करने की याद से जुड़ा माना जाता है।
राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद
