होलिका दहन 2026 पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव: जानिए क्या कहते हैं ज्योतिष शास्त्र और कैसे करें बचाव
🌕 होलिका दहन 2026 पर चंद्र ग्रहण का प्रभाव: जानिए क्या कहते हैं ज्योतिष शास्त्र और कैसे करें बचाव
वर्ष 2026 में होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मान्यता है कि जब किसी प्रमुख पर्व के दिन ग्रहण लगता है, तो उसका प्रभाव सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक गहरा और व्यापक होता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार चंद्र ग्रहण पर शनि का प्रभाव भी पड़ रहा है, जिसके कारण इसके परिणामों को गंभीर माना जा रहा है।
🌘 होली के दिन चंद्र ग्रहण क्यों माना जाता है विशेष?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होली जैसे ऊर्जा और अग्नि तत्व से जुड़े पर्व पर ग्रहण लगना शुभ संकेत नहीं माना जाता। ऐसा कहा जाता है कि पर्व काल में ग्रहण का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और इसका असर केवल ग्रहण दिवस ही नहीं बल्कि अगले कुछ दिनों तक बना रहता है।
मान्यता है कि इसका प्रभाव धुलेंडी (रंग वाली होली) तक भी रह सकता है।
🔭 ग्रहणों का लगातार बन रहा संयोग
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यदि कम समय अंतराल में सूर्य और चंद्र ग्रहण आते हैं, तो इसे संवेदनशील काल माना जाता है।
बताया जाता है कि:
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पहले सूर्य ग्रहण का योग बना,
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उसके बाद अल्प समय में चंद्र ग्रहण का संयोग बनना,
प्राकृतिक और सामाजिक स्तर पर अस्थिरता का संकेत माना जाता है।
⚠️ संभावित प्रभाव (ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार)
शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार ऐसे ग्रहण काल में निम्न प्रभाव देखने को मिल सकते हैं:
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प्राकृतिक आपदाओं की संभावना
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सामाजिक तनाव या विवादों में वृद्धि
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कृषि एवं फसलों पर प्रतिकूल असर
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व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में उतार-चढ़ाव
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मानसिक तनाव और अस्थिरता में वृद्धि
👉 ध्यान रहे कि ये सभी प्रभाव ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।
🕉️ ग्रहण काल में क्या करें? (उपाय)
ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए धार्मिक ग्रंथों में कुछ उपाय बताए गए हैं:
✅ सूतक काल एवं ग्रहण काल में भगवान विष्णु के नाम का जप करें
✅ मंत्र जाप, ध्यान और भजन करें
✅ अनावश्यक विवादों से दूर रहें
✅ जरूरतमंदों को दान करें
✅ कर्मचारियों, सहयोगियों और परिवारजनों के साथ सौहार्द बनाए रखें
✅ मानसिक शांति के लिए सकारात्मक वातावरण रखें
🌼 ग्रहण काल में क्या सावधानी रखें?
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ग्रहण के समय भोजन बनाने या खाने से बचें
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गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है
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ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान एवं घर की शुद्धि करें
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पूजा स्थल की पुनः साफ-सफाई करें
होलिका दहन पर लगने वाला चंद्र ग्रहण धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे समय में भय या भ्रम से अधिक सकारात्मक सोच, साधना और संयम को महत्व देना चाहिए। आध्यात्मिक अभ्यास और सद्कर्म ग्रहण काल को भी शुभ ऊर्जा में परिवर्तित कर सकते हैं।
