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श्री कुबेर अष्टोत्तरशत नामावली: भगवान कुबेर के 108 पवित्र नाम, जानिए महत्त्व और जाप करने की विधि

श्री कुबेर अष्टोत्तरशत नामावली: भगवान कुबेर के 108 पवित्र नाम, जानिए महत्त्व और जाप करने की विधि

भगवान कुबेर धन, वैभव और संपदा के अधिपति माने जाते हैं। दीपावली, धनतेरस और विशेष पूजा के अवसर पर श्री कुबेर अष्टोत्तरशत नामावली का पाठ करना शुभ माना जाता है। यहां पढ़ें भगवान कुबेर के 108 नाम और उनके जाप की सरल विधि।

भगवान कुबेर कौन हैं?

सनातन धर्म में भगवान कुबेर को धन के देवता, यक्षों के राजा और उत्तर दिशा के दिक्पाल के रूप में पूजा जाता है। इन्हें धनाध्यक्ष तथा वैश्रवण के नाम से भी जाना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कुबेर भगवान शिव के परम मित्र और भक्त हैं। इन्हें देवताओं के कोषाध्यक्ष तथा धन-संपदा का संरक्षक माना गया है।

दीपावली पर माता महालक्ष्मी के साथ भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। माता लक्ष्मी धन, वैभव और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री हैं, जबकि भगवान कुबेर धन के संरक्षण और भंडार के अधिपति माने जाते हैं।

श्री कुबेर अष्टोत्तरशत नामावली का महत्त्व

‘अष्टोत्तरशत’ का अर्थ है 108। भगवान कुबेर के इन 108 नामों में उनके विभिन्न स्वरूपों, गुणों, शक्तियों और विशेषताओं का वर्णन मिलता है।

धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और एकाग्रता के साथ इन नामों का पाठ करने से मन में सकारात्मकता, संतोष, धन के सदुपयोग और समृद्ध जीवन का भाव विकसित होता है।

विशेष रूप से धनतेरस, दीपावली, शुक्रवार तथा पूर्णिमा के अवसर पर इन नामों का पाठ किया जा सकता है।

श्री कुबेर अष्टोत्तरशत नामावली (108 नाम)

नीचे भगवान कुबेर के 108 नाम पारंपरिक नामावली के क्रम में दिए गए हैं। प्रत्येक नाम के साथ ‘ॐ’ और ‘नमः’ लगाकर श्रद्धापूर्वक जाप करें।

॥ श्री कुबेर अष्टोत्तरशत नामावली ॥

प्रत्येक नाम के आगे ॐ और अंत में नमः का उच्चारण करें।

1 से 18

  1. कुबेराय नमः।

  2. धनदाय नमः।

  3. श्रीमते नमः।

  4. यक्षेशाय नमः।

  5. गुह्यकेश्वराय नमः।

  6. निधीशाय नमः।

  7. शंकरसखाय नमः।

  8. महालक्ष्मीनिवासभुवे नमः।

  9. महापद्मनिधीशाय नमः।

  10. पूर्णाय नमः।

  11. पद्मनिधीश्वराय नमः।

  12. शंखाख्यनिधिनाथाय नमः।

  13. मकराख्यनिधिप्रियाय नमः।

  14. सुकच्छपनिधीशाय नमः।

  15. मुकुंदनिधिनायकाय नमः।

  16. कुंदाख्यनिधिनाथाय नमः।

  17. नीलनिध्यधिपाय नमः।

  18. महते नमः।

19 से 36
19. खर्वनिध्यधिपाय नमः।
20. पूज्याय नमः।
21. लक्ष्मिसाम्राज्यदायकाय नमः।
22. इलाविडापुत्राय नमः।
23. कोशाधीशाय नमः।
24. कुलाधीशाय नमः।
25. अश्वारूढाय नमः।
26. विश्ववंद्याय नमः।
27. विशेषज्ञाय नमः।
28. विशारदाय नमः।
29. नलकूबरनाथाय नमः।
30. मणिग्रीवपित्रे नमः।
31. गूढमंत्राय नमः।
32. वैश्रवणाय नमः।
33. चित्रलेखामनःप्रियाय नमः।
34. एकपिंछाय नमः।
35. अलकाधीशाय नमः।
36. पौलस्त्याय नमः।

37 से 54
37. नरवाहनाय नमः।
38. कैलासशैलनिलयाय नमः।
39. राज्यदाय नमः।
40. रावणाग्रजाय नमः।
41. चित्रचैत्ररथाय नमः।
42. उद्यानविहाराय नमः।
43. विहारसुकुतूहलाय नमः।
44. महोत्साहाय नमः।
45. महाप्राज्ञाय नमः।
46. सदापुष्पकवाहनाय नमः।
47. सार्वभौमाय नमः।
48. अंगनाथाय नमः।
49. सोमाय नमः।
50. सौम्यादिकेश्वराय नमः।
51. पुण्यात्मने नमः।
52. पुरुहूत श्रियै नमः।
53. सर्वपुण्यजनेश्वराय नमः।
54. नित्यकीर्तये नमः।

55 से 72
55. निधिवेत्रे नमः।
56. लंकाप्राक्धननायकाय नमः।
57. यक्षिणीवृताय नमः।
58. यक्षाय नमः।
59. परमशांतात्मने नमः।
60. यक्षराजाय नमः।
61. यक्षिणी हृदयाय नमः।
62. किन्नरेश्वराय नमः।
63. किंपुरुषनाथाय नमः।
64. नाथाय नमः।
65. खड्गायुधाय नमः।
66. वशिने नमः।
67. ईशानदक्षपार्श्वस्थाय नमः।
68. वायुवामसमाश्रयाय नमः।
69. धर्ममार्गैकनिरताय नमः।
70. धर्मसम्मुखसंस्थिताय नमः।
71. वित्तेश्वराय नमः।
72. धनाध्यक्षाय नमः।

73 से 90
73. अष्टलक्ष्म्याश्रितालयाय नमः।
74. मनुष्यधर्मिणे नमः।
75. सत्कृताय नमः।
76. कोशलक्ष्मी समाश्रिताय नमः।
77. धनलक्ष्मी नित्यनिवासाय नमः।
78. धान्यलक्ष्मी निवासभुवे नमः।
79. अष्टलक्ष्मी सदावासाय नमः।
80. गजलक्ष्मी स्थिरालयाय नमः।
81. राज्यलक्ष्मी जन्मगेहाय नमः।
82. धैर्यलक्ष्मी कृपाश्रयाय नमः।
83. अखंडैश्वर्य संयुक्ताय नमः।
84. नित्यानंदाय नमः।
85. सागराश्रयाय नमः।
86. नित्यतृप्ताय नमः।
87. निधिधात्रे नमः।
88. निराश्रयाय नमः।
89. निरुपद्रवाय नमः।
90. नित्यकामाय नमः।

91 से 108
91. निराकांक्षाय नमः।
92. निरुपाधिकवासभुवे नमः।
93. शांताय नमः।
94. सर्वगुणोपेताय नमः।
95. सर्वज्ञाय नमः।
96. सर्वसम्मताय नमः।
97. सर्वाणिकरुणापात्राय नमः।
98. सदानंदकृपालयाय नमः।
99. गंधर्वकुलसंसेव्याय नमः।
100. सौगंधिककुसुमप्रियाय नमः।
101. स्वर्णनगरीवासाय नमः।
102. निधिपीठसमाश्रयाय नमः।
103. महामेरूत्तरस्थायिने नमः।
104. महर्षिगणसंस्तुताय नमः।
105. तुष्टाय नमः।
106. शूर्पणखा ज्येष्ठाय नमः।
107. शिवपूजारताय नमः।
108. अनघाय नमः।

॥ इति श्री कुबेर अष्टोत्तरशतनामावलिः ॥

भगवान कुबेर की नामावली के जाप की सरल विधि

  1. प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  2. पूजा स्थान पर भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित करें।

  3. घी का दीपक जलाएं और पुष्प, अक्षत तथा धूप अर्पित करें।

  4. भगवान गणेश का स्मरण करके कुबेर अष्टोत्तरशत नामावली का पाठ प्रारंभ करें।

  5. प्रत्येक नाम के साथ पुष्प या अक्षत अर्पित कर सकते हैं।

  6. अंत में भगवान कुबेर से धन के सदुपयोग, आर्थिक स्थिरता और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

भगवान कुबेर की कृपा के लिए विशेष प्रार्थना

हे धनाध्यक्ष भगवान कुबेर!

हमारे जीवन में धन के साथ धर्म, सद्बुद्धि और संतोष भी प्रदान करें। हमारे परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखें। हमें ईमानदारी से परिश्रम करने, धन का उचित उपयोग करने और जरूरतमंदों की सहायता करने की शक्ति प्रदान करें।

॥ ॐ कुबेराय नमः ॥

॥ ॐ धनदाय नमः ॥

॥ जय श्री महालक्ष्मी। जय भगवान कुबेर ॥

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