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Acid Reflux और Sore Throat: जब पेट की समस्या गले तक पहुँच जाती है

Acid Reflux और Sore Throat: जब पेट की समस्या गले तक पहुँच जाती है

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अक्सर लोग मानते हैं कि एसिड रिफ्लक्स का मतलब सिर्फ सीने में जलन होता है।
लेकिन सच्चाई यह है कि एसिड रिफ्लक्स कई बार बिना हार्टबर्न के भी गले और आवाज़ को नुकसान पहुँचा सकता है।

कुछ लोगों में यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और लंबे समय तक बनी रहती है — बिना यह एहसास कराए कि जड़ पेट में है।


एसिड रिफ्लक्स होने पर शरीर क्या संकेत देता है?

एसिड रिफ्लक्स के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं:

• सीने में जलन या भारीपन
• खट्टा या कड़वा पानी मुंह तक आना
• थोड़ा खाने पर ही पेट भरा लगना
• बार-बार डकारें और अपच
• मुंह में अजीब या कड़वा स्वाद
• निगलते समय अटकने-सी फीलिंग

लेकिन जरूरी नहीं कि हर किसी को हार्टबर्न हो ही।


बिना सीने की जलन के भी हो सकता है Acid Reflux

मेडिकल रिसर्च के अनुसार करीब 20–60% लोगों में एसिड रिफ्लक्स गले के लक्षण पैदा करता है, बिना हार्टबर्न के।

यानी:

✔ सीने में जलन नहीं है
❗ लेकिन गला लगातार खराब रहता है

तो भी वजह एसिड रिफ्लक्स हो सकती है।


जब एसिड रिफ्लक्स गले को प्रभावित करता है

ऐसी स्थिति में आमतौर पर ये लक्षण दिखते हैं:

• गले में कुछ फंसा होने का एहसास
• लगातार खराश या सूखापन
• आवाज़ बैठ जाना
• सूखी खांसी जो ठीक नहीं होती
• बार-बार गला साफ करने की इच्छा
• मुंह से बदबू
• कड़वा स्वाद
• गले के अंदर लालिमा या सूजन

इन सबको मिलाकर लोग अक्सर इसे सामान्य throat infection समझ लेते हैं।


LPR – एसिड रिफ्लक्स का छुपा हुआ रूप

जब पेट का एसिड सीधे गले और वोकल कॉर्ड्स तक पहुँचता है, उसे कहते हैं:

Laryngopharyngeal Reflux (LPR)

इसमें एसिड कम मात्रा में होता है, लेकिन गले की नसें इतनी संवेदनशील होती हैं कि थोड़ा सा एसिड भी नुकसान पहुँचा देता है।

LPR में आम तौर पर:

✔ आवाज़ भारी होना
✔ गले में लगातार irritation
✔ सूखी खांसी
✔ कुछ अटका-सा महसूस होना

देखा जाता है।


किन लोगों में यह ज्यादा होता है?

जिनकी आवाज़ का ज्यादा इस्तेमाल होता है:

• शिक्षक
• सिंगर्स
• कॉल सेंटर कर्मचारी
• पब्लिक स्पीकर्स

इनमें vocal cords पहले से stressed रहती हैं — इसलिए एसिड का असर जल्दी दिखता है।


क्या हर sore throat एसिड रिफ्लक्स से होता है?

नहीं — यह समझना बहुत जरूरी है।

गले की समस्या इन कारणों से भी हो सकती है:

• वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन
• एलर्जी
• धुआं या स्मोकिंग
• मौसम बदलाव
• दूसरी मेडिकल कंडीशन

इसलिए हर बार एसिड को दोष देना सही नहीं।


Ayurveda की नजर से Acid Reflux और गले की समस्या

आयुर्वेद इसे अम्लपित्त और उर्ध्वग अम्लपित्त से जोड़कर देखता है।

जब शरीर में पित्त दोष बढ़ जाता है, तो उसकी गर्म और अम्लीय प्रकृति ऊपर की ओर बढ़कर:

➡ गला
➡ छाती
➡ मुंह

को प्रभावित करने लगती है।


आयुर्वेद के अनुसार गला क्यों खराब होता है?

• गला कफ प्रधान क्षेत्र है (soft & moist)
• एसिड पित्त प्रकृति का है (hot & sharp)

जब गर्म पित्त ठंडे कफ क्षेत्र में पहुँचता है:

🔥 जलन
😖 सूखापन
😤 खराश

पैदा होती है।


आयुर्वेद में मुख्य कारण

1. गलत खानपान

तीखा, खट्टा, तला हुआ
चाय-कॉफी ज्यादा
देर रात भारी भोजन

2. बिगड़ी दिनचर्या

लेट सोना
अनियमित भोजन
खाने के तुरंत बाद लेटना
तनाव

3. आवाज़ का अत्यधिक उपयोग


आयुर्वेदिक उपचार की सोच (Root Cause Healing)

आयुर्वेद तीन स्तर पर काम करता है:

✅ पित्त शांत करना

✅ पाचन सुधारना

✅ सही डाइट और लाइफस्टाइल


पित्त शांत करने वाली जड़ी-बूटियाँ

✔ मुलैठी
✔ आंवला
✔ शतावरी
✔ प्रवाल पिष्टी / मुक्ताशुक्ति

ये जलन कम करती हैं और गले की healing बढ़ाती हैं।


पाचन सुधारने के आसान उपाय

✔ जीरा पानी
✔ धनिया पानी
✔ सौंफ
✔ अविपत्तिकर चूर्ण

ये एसिड बढ़ाए बिना digestion ठीक करते हैं।


क्या खाएँ – क्या बचें

खाएँ:

सादा खाना
लौकी, तोरी, मूंग दाल
नारियल पानी
छाछ

बचें:

तीखा
तला हुआ
कॉफी-चाय
अचार
शराब-स्मोकिंग


मानसिक शांति भी इलाज का हिस्सा है

तनाव सीधे पित्त बढ़ाता है।

इसलिए:

🧘 अनुलोम-विलोम
❄ शीतली प्राणायाम
🛌 समय पर नींद

बहुत जरूरी हैं।


Modern Medicine + Ayurveda = Best Result

✔ Modern medicine से सही diagnosis
✔ Ayurveda से root cause correction

दोनों मिलकर ही long-term relief देते हैं।


गले की खराश हमेशा गले की बीमारी नहीं होती।
कई बार वह पेट की गड़बड़ी का संकेत होती है।

अगर समस्या बार-बार हो रही है:

👉 सिर्फ throat medicine पर न टिकें
👉 अपनी डाइट और दिनचर्या सुधारें
👉 सही कारण जानकर इलाज करें

शरीर हमेशा संकेत देता है —
जरूरत है उन्हें समझने की।

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