Search for:

धार्मिक कार्यों में शंख बजाने की परंपरा क्यों?

धार्मिक कार्यों में शंख बजाने की परंपरा क्यों? 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ पूजा-पाठ, उत्सव, हवन, विजयोत्सव, आगमन, विवाह, राज्याभिषेक आदि शुभ कार्यों में शंख बजाना शुभ और अनिवार्य माना जाता है क्योंकि इसे विजय, समृद्धि, यश और शुभता का प्रतीक माना गया है। मंदिरों में सुबह और शाम के समय आरती में शंख [...]

सत्यनाशी

सत्यनाशी आमतौर पर गर्मियों के दिनों में खेतों में मेड पर खुद से उगने वाला यह पौधा बिहार में कई नाम से जाना जाता है। इसके पीले फूल लोगों को खूब आकर्षित करते हैं। गेहूं और सरसों की फसल में यह खुद-ब-खुद उग आता है। भरभार, घमोई सत्यनाशी भट कटेया [...]

चंदन का शर्बत :

चंदन का शर्बत : चंदन शीत वीर्य वाली जड़ी बूटी है इसमें बहुत लाभकारी औषधीय गुण होते है। चंदन शर्बत शीतवीर्य, ह्रदय और मस्तिष्क को ठंडक देने वाला, स्वादिष्ट एवं मधुर होता है। घटक द्रव्य और निर्माण ———- प्रथम विधि ——- 125 ग्राम श्वेत चंदन के चूर्ण को , 500 [...]

WHO खाने पर एक सर्वे हुआ

WHO खाने पर एक सर्वे हुआ, सर्वे पूरी दुनिया के खाने पर किया गया जिसका उद्देश्य ये जानना था की पूरी दुनिया में सबसे अच्छा खाना क्या है उसके लिए उसे 3 कसौटियों पर खरा उतरना था पहला को वो बनाने में आसान हो दूसरा उसमे एक इंसान के लिए [...]

गुलबनफ्सा शरबत

गुलबनफ्सा शरबत : यह खांसी, बुखार जुखाम एवं नजला जैसी समस्याओं में गुणकारी औषधि है | 1- घटक द्रव्य और निर्माण ——- गुलबनफ्सा ( फूल ) का अर्क 900 ग्राम , पानी 3. 600 ग्राम, चीनी 10 किलो , सिट्रिक एसिड ( निंबू सत्व ) 2 ग्राम को मिलाकर, शरबत [...]

मानवता को दर्द से तड़पाती एक नई बीमारी “टेक्स्ट नेक”

मानवता को दर्द से तड़पाती एक नई बीमारी “टेक्स्ट नेक” केस-1 भरत भूषण को गर्दन में हल्का-हल्का दर्द रहता था, लेकिन वह दर्द दिनों-दिन बढ़ता जा रहा था। आज सुबह जब वह सोकर उठा तो उसे चक्कर आ रहे थे, वह अपना संतुलन नहीं बना पा रहा था। जब वह [...]