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छोटे बच्चे को शरीर पर चकत्ते आ जाए

महर्षि वागभट्ट जी कहते है कि यदि छोटे बच्चे को (कफ के कारण से) शरीर पर चकत्ते आ जाए तो उन पर हाथी के मूत्र में थोड़ा सा गाय घी मिक्स करके लेप करना चाहिए। [...]

बेल (बिल्व ) के औषधीय महत्व

बेल (बिल्व ) के औषधीय महत्व बिल्व के कुछ प्रमुख औषधीय उपचार भी हैं, जिनका प्रयोग करके रोगो से बचा जा सकता हैं। यहाँ ऐसे ही कुछ विशिष्ट औषधीय उपचारो के बारे में बताया जा रहा हैं। मधुमेह 15 पत्ते बेलपत्र और 5 कालीमिर्च पीसकर चटनी बनाकर, एक कप पानी [...]

यवागु गैस की बहुत अच्छी दवा

वातानुलोमनी यवागू -छोटी हरड़, पीपलामूल, सौंठ ये सभी 2-2 ग्राम अथवा 3-3 ग्राम लेकर 700 ml जल में मध्यम आंच पर उबाले जब 350 ml काढ़ा रह जाए तो उस काढ़े को छानकर उसमें 60 ग्राम चावल डालकर पकाएं जब चावल अच्छी तरह पककर कणों के रुप में बिखर जाए [...]

ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ता क्यों है?

#ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ता क्यों है? यदि आप यह नहीं जानते तो पूरी जिंदगी दवाओं में ही उलझे रहेंगे। समूह में मेरे से अधिक फालतू कोई नहीं है, जो बार – बार कोलेस्ट्रॉल के विषय में समझा पाये, 🏵️ *कोलेस्ट्रॉल – ट्राइग्लिसराइड्स* 🏵️ जिनकी दिनचर्या बिगड़ी हुई है, 35 वर्ष से ज्यादा [...]

गिलोय मल को बांध कर निकालने वाला, वातहर

महर्षि चरक जी कहते है कि गिलोय मल को बांध कर निकालने वाला, वातहर (वातनाशक), दीपन(जठरअग्नि को बढ़ाना) ,कफ , खून की खराबी एवं विबंध (मल त्यागने में कठिनाई ) को नष्ट करने वाली औषधियो में सर्वश्रेष्ठ है। [...]

घमौरियाँ

*घमौरियाँ* *पहला प्रयोगः नींबू का रस लगाने से अथवा आम की गुठली के चूर्ण को पानी में मिलाकर उसे शरीर पर लगाकर स्नान करने से घमौरियाँ मिटती हैं।* *दूसरा प्रयोगः ग्रीष्म ऋतु में प्रायः पीठ के ऊपर घमौरियाँ (छोटी-छोटी फुन्सियाँ) हो जाती हैं। 5 ग्राम सोंफ कूटकर पानी से भरे [...]