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जन्माष्टमी पर चाँद रात में 12 बजे क्यों निकलता है?

जन्माष्टमी पर चाँद रात में 12 बजे क्यों निकलता है? भगवान श्रीकृष्ण का जन्म चंद्रवंश में हुआ था इसलिये चन्द्रदेव उनके पूर्वज है । चंद्रदेव की इच्छा थी कि जब भगवान मेरे कुल में जन्म लें तो मैं उनके प्रत्यक्ष दर्शन कर सकूं । इसी कारण जब भगवान श्री कृष्ण [...]

सुदर्शन चक्र: इसकी कहानी और ज्योतिष पर प्रभाव

सुदर्शन चक्र: इसकी कहानी और ज्योतिष पर प्रभाव क्या आप उस शक्तिशाली चक्र के बारे में जानते हैं जिसे भगवान विष्णु ने अपने मुख्य शस्त्र के रूप में उपयोग किया है? वह सुदर्शन चक्र है, एक तीखा चक्र के जैसा शस्त्र, जो हिंदू पौराणिक कथाओं में सबसे प्रभावी शस्त्रों में [...]

चौंसठ गुणी भगवान् श्री कृष्ण

चौंसठ गुणी भगवान् श्री कृष्ण समस्त लोक ब्रह्मांड का कल्याण करने हेतु सगुण मूर्त्तिशिरोमणि आनन्दकन्द षोडशकलापूर्ण पूर्णावतारी भगवान् श्रीकृष्णचन्द्र रूप का जन्म हुआ जो साक्षात परब्रह्म श्री हरि का अंश रूप है। श्री हरि, जिनकी पूजा सभी ब्रह्मा, शिव और इंद्र करते हैं, सभी ज्ञान के सर्वोच्च स्रोत हैं। निराकार [...]

जगन्नाथ_मंदिर_के_रहस्य

◆◆#जगन्नाथ_मंदिर_के_रहस्य◆◆ #भगवान् कृष्ण ने जब देह छोड़े तो उनका अंतिम संस्कार किया गया , उनका सारा शरीर तो पांच तत्त्व में मिल गया लेकिन उनका हृदय बिलकुल सामान्य एक जिन्दा आदमी की तरह धड़क रहा था और वो बिलकुल सुरक्षित था , उनका हृदय आज तक सुरक्षित है जो भगवान् [...]

शरभावतार

शरभावतार शरभावतार में भगवान शंकर का स्वरूप आधा मृग (हिरण) तथा शेष शरभ पक्षी (आख्यानिकाओं में वर्णित आठ पैरों वाला जंतु जो शेर से भी शक्तिशाली था) का था। इस अवतार में भगवान शंकर ने नृसिंह भगवान की क्रोधाग्नि को शांत किया था। लिंगपुराण में शिव के शरभावतार की कथा [...]

बृन्दावन प्रेम माधुरी हृदयस्पर्शी मधुर भक्ति कथाएं

बृन्दावन प्रेम माधुरी हृदयस्पर्शी मधुर भक्ति कथाएं *गोपाल की कृपा* रूप गोस्वामी के साथ इससे पूर्व घटी एक और घटना से भी इस बात की पुष्टि होती है कि उनकी वासना की पूर्ति के लिए स्वयं उनके इष्ट को कष्ट करना पड़ता। चैतन्य-चरितामृत में उल्लेख है कि एक बार उनके [...]