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कालाष्टमी आज

कालाष्टमी आज कालाष्टमी हिंदू त्योहार है जो भगवान भैरव को समर्पित है और हर हिंदू चंद्र माह में ‘कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि’ (चंद्रमा के घटते चरण के दौरान 8वें दिन) पर मनाया जाता है। ‘ पूर्णिमा ‘ (पूर्णिमा) के बाद ‘ अष्टमी तिथि ‘ (8 वां दिन) भगवान काल भैरव [...]

प्रमुख देवताओं के विषय में जाकारी

सनातन धर्म में अनेक देवताओं का उल्लेख है उन देवताओ को किसी नाम विशेष से जाना जाता है। देवताओं का यह नामकरण उनके कार्य और गुण-धर्म के आधार पर किया गया है। हम यहाँ कुछ प्रमुख देवताओं के विषय में जाकारी प्राप्त करेगें। ब्रह्मा – ब्रह्मा को जन्म देने वाला [...]

पिछले जन्म के कर्मफलों को दर्शाती है दशाएं

पिछले जन्म के कर्मफलों को दर्शाती है दशाएं ज्योतिष में दशाओं का महत्वपूर्ण स्थान है और व्यक्ति के जीवन के संपूर्ण घटनाक्रम में यह अपना विशेष प्रभाव डालती हैं। यह दशाएं ग्रहों द्वारा गत जन्म के कर्मफलों को इस जन्म में दर्शाने का माध्यम है। महादशाओं के गणना की पद्धति [...]

धार्मिक कार्यों में शंख बजाने की परंपरा क्यों?

धार्मिक कार्यों में शंख बजाने की परंपरा क्यों? 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ पूजा-पाठ, उत्सव, हवन, विजयोत्सव, आगमन, विवाह, राज्याभिषेक आदि शुभ कार्यों में शंख बजाना शुभ और अनिवार्य माना जाता है क्योंकि इसे विजय, समृद्धि, यश और शुभता का प्रतीक माना गया है। मंदिरों में सुबह और शाम के समय आरती में शंख [...]

कुंडली में इन भावों में बैठे हों बुध तो आप बनेंगे बुद्धिमान और मिलेगी सफलता

कुंडली में इन भावों में बैठे हों बुध तो आप बनेंगे बुद्धिमान और मिलेगी सफलता बुध को ज्योतिष में बुद्धि, एकाग्रता, वाणी, त्वचा, सौंदर्य आदि का कारक ग्रह माना गया है। साथ ही इनको ग्रहों का राजकुमार का दर्जा प्राप्त है। स्वाभाविक है जब आपकी बौद्धिक क्षमता अच्छी होगी तो [...]

भद्रा की शुभता एवं अशुभता एवं महत्व

ये भद्रा की शुभता एवं अशुभता एवं महत्व किसी भी मांगलिक कार्य में भद्रा योग का विशेष ध्यान रखा जाता है, क्योंकि भद्रा काल में मंगल-उत्सव की शुरुआत या समाप्ति अशुभ मानी जाती है अत: भद्रा काल की अशुभता को मानकर कोई भी आस्थावान व्यक्ति शुभ कार्य नहीं करता। इसलिए [...]