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ज्योतिषी बनने के आवश्यक कदम:

ज्योतिषी बनने के आवश्यक कदम: तपस्या और आध्यात्मिक अनुशासन के माध्यम से सिद्धि। क्यों हर कोई ज्योतिषी नहीं बन सकता? पूरी तरह से किसका त्याग करना होता है? 1. ब्रह्मज्ञासु बनें: पहला कदम है ब्रह्मज्ञासु बनना, अर्थात् परम सत्य की खोज करने वाला, जो अंततः एक ब्राह्मण बनने की ओर [...]

कर्पुर (कपूर) के चमत्कारिक प्रभाव

कर्पुर (कपूर) के चमत्कारिक प्रभाव 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ कर्पूर या कपूर मोम की तरह उड़नशील दिव्य वानस्पतिक द्रव्य है। इसे अक्सर आरती के बाद या आरती करते वक्त जलाया जाता है जिससे वातावरण में सुगंध फैल जाती है और मन एवं मस्तिष्क को शांति मिलती है। कपूर को संस्कृत में कर्पूर, फारसी [...]

सरदर्द के लिए वैदिक मंत्र: प्राकृतिक उपचार

सरदर्द के लिए वैदिक मंत्र: प्राकृतिक उपचार सरदर्द एक आम समस्या है जो हम सभी को कभी न कभी परेशान करती है। इसके लिए हम अक्सर दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वैदिक मंत्रों का उपयोग करके भी सरदर्द से राहत पाई जा सकती है? [...]

अष्टम शनि के लिए कुछ व्यवसायिक विचार

अष्टम शनि के लिए कुछ व्यवसायिक विचार – ज्योतिषाचार्य राकेश शर्मा के अनुसार: 1. सुरक्षा सेवाएं: अष्टम शनि का प्रभाव सुरक्षा और रक्षा पर होता है, इसलिए सुरक्षा सेवाएं का व्यवसाय आपके लिए उपयुक्त हो सकता है। 2. बीमा सेवाएं: अष्टम शनि का प्रभाव जोखिम और समृद्धि पर होता है, [...]

योग भंग / दरिद्रता

योग भंग / दरिद्रता जब चंद्रमा स्थिर राशियों (2, 5, 8, 11) के प्रारंभिक अंशों में, चर राशियों (1, 4, 7, 10) के अंतिम अंशों में या द्विस्वभाव राशियों (3, 6, 9, 12) के मध्य में स्थित होता है, तो इसमें बल की कमी होती है और यदि लग्न में [...]

ग्रह मैत्री दोष क्या है?

ग्रह मैत्री दोष क्या है? ग्रह मैत्री दोष तब उत्पन्न होता है जब दो व्यक्तियों की कुंडलियों में ग्रहों के बीच मित्रता की कमी होती है। हर ग्रह के अन्य ग्रहों के साथ मित्रता, शत्रुता, या तटस्थता के संबंध होते हैं। जब दो कुंडलियों में ग्रहों के बीच शत्रुता का [...]