कहानी-बुढ़ापे के लिए कुछ सोचा नहीं
-श्रवण कुमार बाजपेयी कानपुर (उत्तर प्रदेश) एक दिन कुछ बूढ़े लोग बैठे आपस में बातें कर रहे थे। सब अपनी अपनी बातें बता रहे थे। कुछ बहुत खुश थे। कुछ दुखी भी थे। प्रायः उस ग्रुप में वही लोग थे जो उम्र के 60 बसंत देख चुके थे। ये सारे [...]
