किसे कहते हैं सत्संग-?
*किसे कहते हैं सत्संग-,,? 👇* ——————————— तुलसीदास जी ने सत्संगति को सब मङ्गलों का मूल कहा है। सत्संग का अर्थ है,“किसी सच्चरित्र का साथ अथवा संत महात्माओं की गोष्ठी में बैठकर मनोयोग से उनकी अमरवाणी से निकले सदुपदेशों का श्रवण एवं पुनः अनुकूल आचरण करना ही सत्संग है। ”सतसंगत मुद [...]
