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लांग्गली का पौधा

ये लांग्गली का पौधा है इसे कलिहारी और अग्निशिखा के नाम से भी जाना जाता है। ये एक प्रकार का उपविष होता है, ये प्रयोग वात रोग नाशार्थ हेतु अक्सीर है। कलिहारी के पंचाग का स्वरस और कस्तूरी हल्दी का स्वरस दोनों को समान मात्रा में लेकर अगल रखें अब [...]

बंदाल का पौधा

ये बंदाल का पौधा है इसके फल पीलिया रोग में बहुत प्रभावी है! ये हमारे उपवन में इस समय काफी होता है इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये शीतवीर्य वनस्पति है इसका विपाक कटु है! कोमल प्रकृति वालो के लिए हानिकारक है। ये लीवर सम्बंधित विकारों के लिए [...]

बरगद एक लगाइये,पीपल रोपें पाँच।

बरगद एक लगाइये,पीपल रोपें पाँच। घरघर नीम लगाइये,यही पुरातन साँच।। यही पुरातन साँच,- आज सब मान रहे हैं। भाग जाय प्रदूषण सभी अब जान रहे हैं।। विश्वताप मिट जाये होय हर जन मन गदगद। धरती पर त्रिदेव हैं- नीम पीपल औ बरगद।। आप को लगेगा अजीब बकवास है किन्तु यह [...]

नीम भारतीय मूल का वृक्ष है

नीम भारतीय मूल का वृक्ष है जीवन में प्रत्येक व्यक्ति को एक वृक्ष नीम का अवश्य लगाना चाहिए। आरोग्य दाता ये पादप हमारे संस्कृति की धरोहर हैं नीम जितना धार्मिक महत्व है उसके कही ज्यादा औषधि गुणों का महत्व है। लेख को बहुत बड़ा ना करते हुए कुछ संक्षेप कुछ [...]

अगस्त के फूल

अगस्त के फूलों इस पौधे का नाम महर्षि अगस्त्य के नाम पर आधारित है। यह भी उन्ही की तरह परोपकारी और जनकल्याण करने वाला पौधा है। इस पौधे की पत्तियां साग की तरह खाई जाती हैं। साथ कि इसके बड़े आकार के मांसल फूलो को भी साग भाजी के रूप [...]

वनौषधियों के लुप्तप्राय प्रयोग

वनौषधियों के लुप्तप्राय प्रयोग वनौषधि लेखमाला के अंतर्गत इस बार के अंक में भिन्न-भिन्न वनौषियों के अप्रचलित पारंपरिक विशेष प्रयोगों को प्रस्तुत किया जा रहा है। आयुर्वेद के पुनर्रुद्धार के लिए उन लुप्तप्राय प्रयोगों को लोक कल्याण के हेतु से जन-जन तक पहुंचाकर उन प्रयोगों को अक्षुण्ण बनाने का एक [...]