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गर्मी के मौसम में , देशी पेय 

गर्मी के मौसम में , देशी पेय 

1- नीबू का पना :——–
नीबू का रस 1 भाग, चीनी 4-6 भाग लेकर दोनों को पकाकर चाशनी बनने पर, आवश्यकतानुसार अल्प मात्रा में लौंग एवं कालीमिर्च का चूर्ण डालें, आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर पीने से, यह ग्रीष्म ऋतु में भोजन के प्रति रुचि उत्पन्न करता है, भोजन को पचाता है एवं गर्मी में वात बढ़ने से वात को नष्ट करता है।

2- धनिया का पना :——-
20-40 ग्राम सूखे धनिया को बारीक पीसकर, कपड़े से छान लें। पश्चात, इसमें चीनी की चाशनी डालकर, मिट्टी के नए पात्र में , 2-4 घंटे रखें, इलायची आदि से सुगंधित कर पीने से, यह श्रेष्ठ पित्तनाशक है एवं शरीर की जलन, गर्मी को कम करता है।

3- आंवले का मुरब्बा ——–
यह 1-2 आंवले की मात्रा में, सेवन करने से, गर्मी में होने वाली नेत्र जलन, कब्ज, त्वचा विकार, सिरदर्द एवं शरीर में, गर्मी एवं जलन कम करता है।

4- चंदन शर्बत
यह शरीर की दाह, नाक से रक्तस्राव (इपिटेक्सिस), लू लगना को दूर करता है।

5- उशीर ( खस ) शर्बत ——–
शरीर का ताप, गर्मी, प्यास, जलन आदि को नष्ट करता है। गंभारी फल, खजूर एवं फालसा इन फलों को पानी में मसलकर छान लें। चीनी मिलाकर पीने से , यह थकावट को नष्ट करता है एवं यह ग्लूकोस का श्रेष्ठ विकल्प है। गंभारी फल, फालसा आदि फल में , प्राकृतिक रूप से साइट्रिक एसिड, मेलीक एसिड, प्राकृतिक शर्करा पाए जाते हैं।
इसी तरह खजूर में , माइक्रोन्यूट्रिएंट्स, ग्लूकोस आदि पाए जाते हैं, जो शरीर में तुरंत बल का संचार करते हैं। इसी तरह गंभारी फल, खजूर एवं मुनक्का को प्रयोग किया जा सकता है। इसे मधुर त्रिफला कहा जाता है। खजूर या पिंड खजूर, मुनक्का, महुआ का फूल, फालसा , इसे पकाकर, ठंडे जल में चीनी मिलाकर पीने से, गर्मी में होने वाली थकावट को नष्ट करता है। साथ ही, शरीर को शीतल रखता है।

विशेष ——
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