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कमल कपूर और डॉ. विनोद जैन – कहीं बिछड़े हुए जुड़वाँ तो नहीं? 😄

कमल कपूर और डॉ. विनोद जैन – कहीं बिछड़े हुए जुड़वाँ तो नहीं? 😄

 

फिल्मी दुनिया में एक नाम था कमल कपूर
इन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1940–50 के दशक में हीरो बनकर की थी। उनकी पहली फिल्म दूर चलें 1946 में आई। लेकिन वक्त के साथ उन्होंने सोचा – “हीरो तो बहुत हैं, चलो खलनायक बनकर थोड़ा मज़ा लिया जाए।”

फिर क्या था…
साठ के दशक के बाद कमल कपूर खलनायकी के मैदान में उतर गए और ऐसे किरदार निभाए कि लोग उन्हें देखते ही समझ जाते थे — अब कहानी में कुछ गड़बड़ होने वाली है!

  • पाक़ीज़ा (1972) में नवाब जफर अली खान

  • डॉन (1978) में नारंग

  • मर्द (1985) में जनरल डायर

इन किरदारों ने उन्हें बॉलीवुड का यादगार विलेन बना दिया।

अब आते हैं हमारी असली कहानी के हीरो पर — डॉ. विनोद जैन

इनका सफर थोड़ा अलग किस्म का है —
हाथरस से राया और राया से हाथरस
जी हाँ, इनकी यात्रा का रूट इतना पक्का है कि रेलवे भी कभी-कभी कन्फ्यूज हो जाए! 😄

सबसे मजेदार बात यह है कि जब भी ये ट्रेन में बैठते हैं, इन्हें सीट जरूर मिलती है, चाहे ट्रेन में सुई रखने की जगह क्यों न हो। लगता है रेलवे वालों ने कहीं गुप्त आदेश दे रखा है — “डॉ. जैन को सीट देना अनिवार्य है।”

इनकी एक खास बात और है —
ये कभी नहीं कहते कि “मैं बूढ़ा हो गया हूँ” या “अब मुझसे नहीं होगा।”
इनका सिद्धांत साफ है –
“जब तक मज़ाक कर सकते हैं, तब तक जवान हैं।”

मजाक करना इनकी सबसे पसंदीदा हॉबी है।
और हाँ, ये हमेशा अपने साथ हींग की एक डिब्बी लेकर चलते हैं।
ट्रेन में जो भी इनके पास बैठ जाए, समझ लीजिए उसे हींग प्रसाद जरूर मिलेगा!

इनकी दूसरी हॉबी भी बड़ी दिलचस्प है —
अपने मोबाइल में फोटो दिखाना।
इस मामले में ये हमारे गुप्ता जी के सगे भाई लगते हैं —
जो भी मिल जाए, उसे फोटो दिखाना इनका जन्मसिद्ध अधिकार है।

अब इस पूरी कहानी का सबसे मजेदार ट्विस्ट…

मैंने यह आर्टिकल इसलिए लिखा क्योंकि अगर आप ध्यान से देखें तो
कमल कपूर और डॉ. विनोद जैन की शक्ल काफी हद तक एक जैसी लगती है!

और इस ऐतिहासिक खोज का श्रेय जाता है
हमारे दीपेश जी को।

अब सवाल यह है —
क्या यह सिर्फ संयोग है…
या फिर बॉलीवुड का कोई खोया हुआ किरदार हाथरस की ट्रेन में मिल गया है? 😄

अगर अगली बार ट्रेन में आपको कोई सज्जन हींग की डिब्बी और मोबाइल में फोटो लेकर बैठे मिलें…
तो ध्यान से देखिएगा —
कहीं वो कमल कपूर के रियल लाइफ कज़िन तो नहीं! 😄

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