16 वर्षों बाद फिर सजा “क्षितिज” का आकाश, पुरानी यादों ने फिर दी दस्तक
16 वर्षों बाद फिर सजा “क्षितिज” का आकाश, पुरानी यादों ने फिर दी दस्तक
आज लगभग सोलह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद, जब जीवन ने अनेक मोड़ लिए, समय ने अपने चक्र बदले और परिस्थितियों ने मुझे एक संस्था से दूसरी संस्था की ओर प्रवाहित कर दिया, तब पुनः वही अवसर मेरे हाथों में आया—वही “क्षितिज” मैगजीन, जिसके सृजन का दायित्व मुझे आज से बाईस वर्ष पूर्व सौंपा गया था; और जब आज उसके नवीन रूप का मुद्रित स्वरूप मेरी आँखों के सामने आया, तो हृदय एक अद्भुत आनंद, गर्व और भावनाओं की मधुर लहरों से भर उठा—मानो बीते वर्षों की स्मृतियाँ फिर से जीवंत हो उठी हों।
Kshitij 2026 – Ddivinemart
सोलह बरसों बाद आज फिर,
वही क्षितिज मेरे हाथों में आया है,
बाईस साल पुरानी वो जिम्मेदारी,
समय ने फिर से दोहराया है।
बीच के वर्षों में राहें बदलीं,
संस्थाएँ बदलीं, परिवेश नया था,
पर मन के किसी कोने में वो सपना,
आज भी उतना ही सजा था।
चक्र समय का यूँ ही घूमता रहा,
और मैं अपनी राह बनाता गया,
पर आज जब फिर वही सृजन किया,
तो हर पल जैसे मुस्कुराता गया।
जब देखा उसका मुद्रित रूप,
तो मन आनंद से भर आया,
लगता है जैसे बीता हुआ कल,
आज फिर से लौटकर आया।
ये केवल एक मैगजीन नहीं,
मेरे जीवन का एक हिस्सा है,
क्षितिज नहीं, ये वो सपना है,
जो समय से भी सच्चा रिश्ता है।
