गुड़हल के फूल: माँ काली का प्रिय पुष्प और आयुर्वेद का चमत्कारी औषधीय खजाना
गुड़हल के फूल: माँ काली का प्रिय पुष्प और आयुर्वेद का चमत्कारी औषधीय खजाना
गुड़हल – माँ काली का प्रिय फूल, जो सेहत भी बनाए
गुड़हल का फूल (Hibiscus) जितना आकर्षक और सुंदर होता है, उतना ही शक्तिशाली औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। आयुर्वेद में गुड़हल का प्रयोग अनेक रोगों के इलाज में सदियों से किया जाता रहा है। इसके फूल, पत्तियां और जड़ – तीनों ही शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रखने में सहायक हैं।
गुड़हल के अद्भुत औषधीय उपयोग:
🌿 1. डायबिटीज में लाभकारी:
गुड़हल की पत्तियों के रस का नियमित सेवन शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। जिन लोगों को डायबिटीज है, वे दिन में दो बार 1 चम्मच गुड़हल पत्तियों का रस लें, लाभ होगा।
💆 2. बालों की सभी समस्याओं का समाधान:
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रूसी (डैंड्रफ): पत्तियों का रस सिर में लगाएं।
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झड़ते बाल/गंजापन: गुड़हल के फूलों को तिल के तेल में पकाकर बालों की जड़ों में लगाएं।
🩸 3. मासिक धर्म (Periods) की गड़बड़ी में राहत:
गुड़हल की पत्तियों का रस – 2 चम्मच, आधे गिलास पानी में मिलाकर सुबह-शाम लें। मासिक धर्म संबंधी दिक्कतें दूर होती हैं।
🌸 4. त्वचा रोगों में लाभ:
गुड़हल के फूल का सेवन त्वचा पर होने वाले रेशेज, एलर्जी आदि को दूर करता है।
गुड़हल का विशेष घरेलू नुस्खा – अनिद्रा में चमत्कारी शरबत
सामग्री:
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100 गुड़हल के फूल (बिना डंठल)
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नींबू का रस
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650 ग्राम मिश्री या चीनी
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1 बोतल गुलाब जल
विधि:
फूलों को नींबू रस में भिगोकर रातभर खुले स्थान पर रखें। सुबह मसलकर छान लें। अब मिश्री और गुलाब जल मिलाकर कांच की बोतल में भरें और 2 दिन धूप में रखें।
सेवन: रोज 15-40ml पीने से अनिद्रा में लाभ होता है।
याददाश्त बढ़ाने वाला गुड़हल चूर्ण:
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फूल और पत्तियों को सुखाकर बराबर मात्रा में पीस लें।
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1 चम्मच चूर्ण मीठे दूध के साथ सुबह-शाम लें।
इससे स्मरण शक्ति बढ़ती है।
बालों में ठंडक और पोषण के लिए:
गुड़हल की पत्तियों की लुग्दी बनाकर बालों में लगाएं। 2 घंटे बाद धो लें। सिर ठंडा रहता है और बालों को पोषण मिलता है।
गुड़हल सिर्फ एक पूजा-पाठ का फूल नहीं, बल्कि सम्पूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है। इसे अपने जीवन में शामिल करें और प्रकृति की इस अनमोल देन का लाभ उठाएं।
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