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मासिक कालाष्टमी आज

मासिक कालाष्टमी आज
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पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है, जो भगवान शिव के रौद्र स्वरूप श्री काल भैरव को समर्पित होती है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं, विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और रात्रि में जागरण एवं भजन कीर्तन के माध्यम से भगवान भैरव का स्मरण करते हैं। कालाष्टमी का यह पर्व एक विशेष संयोग लेकर आ रहा है, जो पूजा-पाठ और सिद्धियों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।
कालाष्टमी की तिथि
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आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की 18 जून को दोपहर 01 बजकर 34 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 19 जून को सुबह 11 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में मासिक कालाष्टमी का का व्रत 18 मई को रखा जाएगा। क्योंकि कालाष्टमी की पूजा प्रदोष काल यानि शाम के समय में की जाती है।
पूजा विधि
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ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
पूजा स्थल की सफाई करें और वहां गंगाजल छिड़ककर चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं
श्री शिव एवं काल भैरव की मूर्ति/चित्र स्थापित करें; सफेद चंदन से तिलक करें
दीप, धूप, पुष्प, माला, फल व मिठाई अर्पित करें। सरसों के तेल का दीपक जलाएं
मुख्य मंत्र जाप करें: “ॐ कालभैरवाय नमः”, “ॐ भ्रं कालभैरवाय फट्”
कथा, भजन, काल भैरव चालीसा का पाठ या सुनना उत्तम अवसर माना जाता है
पूजा के अंत में क्षमा प्रार्थना और सूर्यदेव को जल अर्पित करें।
शुभ मान्यता अनुसार काले कुत्तों को भोजन (दूध, दही, मिठाई, रोटी) खिलाने से अत्यंत पुण्य मिलता है
महत्व एवं लाभ
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काल भैरव भगवान शिव के समय और न्याय रूप हैं, जिनकी पूजा से भय, ग्रह-दोष और नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है
व्रत और पूजा करने में मानसिक शांति, आत्मबल व घर-परिवार में सुख और समृद्धि आती है
कथा व मंत्र जाप से नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा मिलती है और धर्म की दृष्टि से यह दान‑पुण्य का शुभ दिन माना जाता है
राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद

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