कर्मों का फल तो भोगना ही पड़ता है, चाहे वे स्वर्गीय देवता ही क्यों न हों।
*कर्मों का फल तो भोगना ही पड़ता है, चाहे वे स्वर्गीय देवता ही क्यों न हों।* ———————————– महाभारत के आदिपर्व में यह कथा विस्तार से वर्णित है। यह कहानी बताती है कि कैसे आठ वसु (स्वर्गीय देवता) महर्षि वशिष्ठ के श्राप के कारण पृथ्वी पर जन्म लेने के लिए मजबूर [...]
