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लांग्गली का पौधा

ये लांग्गली का पौधा है इसे कलिहारी और अग्निशिखा के नाम से भी जाना जाता है। ये एक प्रकार का उपविष होता है, ये प्रयोग वात रोग नाशार्थ हेतु अक्सीर है। कलिहारी के पंचाग का स्वरस और कस्तूरी हल्दी का स्वरस दोनों को समान मात्रा में लेकर अगल रखें अब [...]

बंदाल का पौधा

ये बंदाल का पौधा है इसके फल पीलिया रोग में बहुत प्रभावी है! ये हमारे उपवन में इस समय काफी होता है इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये शीतवीर्य वनस्पति है इसका विपाक कटु है! कोमल प्रकृति वालो के लिए हानिकारक है। ये लीवर सम्बंधित विकारों के लिए [...]

बरगद एक लगाइये,पीपल रोपें पाँच।

बरगद एक लगाइये,पीपल रोपें पाँच। घरघर नीम लगाइये,यही पुरातन साँच।। यही पुरातन साँच,- आज सब मान रहे हैं। भाग जाय प्रदूषण सभी अब जान रहे हैं।। विश्वताप मिट जाये होय हर जन मन गदगद। धरती पर त्रिदेव हैं- नीम पीपल औ बरगद।। आप को लगेगा अजीब बकवास है किन्तु यह [...]

नीम भारतीय मूल का वृक्ष है

नीम भारतीय मूल का वृक्ष है जीवन में प्रत्येक व्यक्ति को एक वृक्ष नीम का अवश्य लगाना चाहिए। आरोग्य दाता ये पादप हमारे संस्कृति की धरोहर हैं नीम जितना धार्मिक महत्व है उसके कही ज्यादा औषधि गुणों का महत्व है। लेख को बहुत बड़ा ना करते हुए कुछ संक्षेप कुछ [...]

मिट्टी से सनी धोती और सिर पर गमछा…

मिट्टी से सनी धोती और सिर पर गमछा डाले एक किसान साल 1979. शाम के करीब 6 बज रहे थे. मैला कुर्ता, मिट्टी से सनी धोती और सिर पर गमछा डाले एक किसान परेशान होकर थाने पहुंचा. उस थाने का नाम था ऊसराहार. दुबला-पतला खांटी गांव का एक बुजुर्ग. उम्र [...]

जब हनुमान जी ने लंका मे आग लगाई थी

सुंदरकांड पढ़ते हुए 25वें दोहे पर थोड़ा रुक गया । तुलसीदास ने सुन्दर कांड में जब हनुमान जी ने लंका मे आग लगाई थी, उस प्रसंग पर लिखा है | “हरि प्रेरित तेहि अवसर चले मरुत उनचास अट्टहास करि गर्जा कपि बढ़ि लाग अकास।।” अर्थात :- जब हनुमान जी ने [...]