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हनुमान जी का मंत्र जपने का क्या है प्रभाव, परिणाम और महत्व? जानिए मंत्र साधना का महत्व

🚩 हनुमान जी का मंत्र जपने का क्या है प्रभाव, परिणाम और महत्व? जानिए मंत्र साधना का महत्व 🌹 भगवान श्रीराम के परम भक्त पवनपुत्र हनुमान जी को शक्ति, साहस, भक्ति, बुद्धि और निर्भयता का प्रतीक माना जाता है। सनातन परंपरा में हनुमान जी की उपासना विशेष रूप से भय, [...]

कार्यसिद्धि तथा विघ्नों से मुक्ति प्रदान करने वाले हरिद्रा गणेश

🌺 कार्यसिद्धि तथा विघ्नों से मुक्ति प्रदान करने वाले हरिद्रा गणेश 🌺 भगवान श्रीगणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि के देवता और मंगल कार्यों के प्रथम पूज्य देव माना जाता है। गणेश जी के अनेक स्वरूपों में हरिद्रा गणेश का स्वरूप विशेष रूप से पीतवर्ण और मंगलकारी माना जाता है। “हरिद्रा” का [...]

संन्यासियों का श्राद्ध

संन्यासियों का श्राद्ध आज ********************* संन्यासियों का श्राद्ध वर्ष 2026 में 7 अक्टूबर (बुधवार) को द्वादशी तिथि के दिन है। हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संन्यासियों का श्राद्ध आम दिनों की तरह नहीं, बल्कि पितृ पक्ष की द्वादशी तिथि (12वें दिन) को किया जाता है। इसे ‘द्वादशी श्राद्ध’ भी कहते [...]

जब पूरा उज्जैन सो गया और महाकाल मंदिर के नंदी महाराज जागते रहे

जब पूरा उज्जैन सो गया और महाकाल मंदिर के नंदी महाराज जागते रहे 🕉️🌺 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ “महाकाल की नगरी में रात को स्वयं काल भी विश्राम करता है… लेकिन नंदी महाराज जागते हैं।” उज्जैन को भगवान महाकाल की नगरी कहा जाता है। दिन में जहाँ मंदिरों की घंटियाँ, मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं [...]

स्मार्त वैष्णव समाज रखेगा इंदिरा एकादशी व्रत

स्मार्त वैष्णव समाज आज रखेगा इंदिरा एकादशी व्रत *************************************** इंदिरा एकादशी का व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से पितृ पक्ष (श्राद्ध के दिनों) में आता है, इसलिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बाकी एकादशियों से काफी अलग और [...]

पितृ तर्पण की पहली वेदी: आदिगंगा पुनपुन का धार्मिक और पौराणिक महत्व

पितृ तर्पण की पहली वेदी: आदिगंगा पुनपुन का धार्मिक और पौराणिक महत्व पितृपक्ष में गया जाने से पहले पुनपुन नदी में पिंडदान क्यों किया जाता है? पितृपक्ष आते ही देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनके निमित्त श्राद्ध, तर्पण तथा पिंडदान करने [...]