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सितंबर पंचक 2025: भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना हो सकता है नुकसान

🌹सितंबर पंचक 2025: भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना हो सकता है नुकसान🌹

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⚜️सितंबर 2025 में कब लगेगा पंचक?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सितंबर 2025 में पंचक 6 सितंबर, शुक्रवार से शुरू होकर 10 सितंबर, मंगलवार तक रहेगा। यह पांच दिन का समय विशेष सावधानियों का पालन करने का होता है।


⚜️क्या होता है पंचक?

ज्योतिष शास्त्र में पंचक उस काल को कहते हैं जब चंद्रमा लगातार इन पांच नक्षत्रों में भ्रमण करता है:

  • धनिष्ठा

  • शतभिषा

  • पूर्वाभाद्रपद

  • उत्तराभाद्रपद

  • रेवती

इन पांच नक्षत्रों के संयोग को ही पंचक कहते हैं। मान्यता है कि इस काल में यदि कोई अशुभ घटना होती है तो उसका प्रभाव पाँच गुना तक हो सकता है।


⚜️पंचक के दौरान भूलकर भी न करें ये 5 काम

🚩 घर की छत डालना या निर्माण कार्य
पंचक काल में घर की छत डालना या कोई बड़ा निर्माण कार्य शुरू करना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में बार-बार कलह और परेशानी आ सकती है।

🚩 दक्षिण दिशा की यात्रा
दक्षिण दिशा यमराज की दिशा मानी जाती है। पंचक में इस दिशा की यात्रा से अनिष्ट की संभावना बढ़ती है।

🚩 लकड़ी, ईंधन या घास का संग्रह
इस अवधि में घर में लकड़ी, घास या अन्य ज्वलनशील वस्तुएँ इकट्ठा करने से बचें। ऐसा करने से अग्नि दुर्घटना का भय रहता है।

🚩 शवदाह (अंतिम संस्कार)
पंचक काल में शवदाह करना अत्यंत अशुभ माना गया है। यदि मजबूरी में करना पड़े तो इसके दोष निवारण के लिए विशेष पूजा और अनुष्ठान करना आवश्यक है।

🚩 विवाह और मुंडन जैसे शुभ कार्य
शादी, मुंडन या गृह प्रवेश जैसे बड़े मांगलिक कार्य पंचक काल में करने से बचना चाहिए। शुभ कार्य करने के लिए पंचक समाप्त होने के बाद का समय उचित है।


पंचक काल ज्योतिषीय दृष्टि से सावधानी बरतने का समय है। इस दौरान बताए गए कार्यों से बचकर आप अनावश्यक अशुभ फलों से बच सकते हैं। पितरों की कृपा और जीवन में शांति बनाए रखने के लिए पंचक के नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है।

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