ममता या मोह —भाग 3
ममता या मोह —भाग 3 वो शाम जो इंसानियत से पूछती रही सवाल रीना जब अस्पताल के दरवाजे से बाहर अपना कदम निकाली, तो लगा जैसे उसकी परछाई भी उस पर सवाल कर रही हो। हवा में बेटे की आत्मा की वो धीमी पुकार घुली थी — “मां, अब तुम [...]
ममता या मोह —भाग 3 वो शाम जो इंसानियत से पूछती रही सवाल रीना जब अस्पताल के दरवाजे से बाहर अपना कदम निकाली, तो लगा जैसे उसकी परछाई भी उस पर सवाल कर रही हो। हवा में बेटे की आत्मा की वो धीमी पुकार घुली थी — “मां, अब तुम [...]
🌾 कहानी: वो आख़िरी खेत आरव जब शहर में नौकरी पर लगा और पहली बार अख़बार में अपना नाम छपा देखा, तो उसे लगा अब उसे किसी की परवाह करने की ज़रूरत नहीं।फोन पर माँ-बाप से बस इतना ही कहता —“अभी बिज़ी हूँ, बाद में बात करता हूँ।” लेकिन एक [...]