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🌼 गंगा स्नान कथा: श्रद्धा, निष्कपटता और सच्चे स्नान का रहस्य

🌼 गंगा स्नान कथा: श्रद्धा, निष्कपटता और सच्चे स्नान का रहस्य हिंदू धर्म में गंगा स्नान अत्यंत पवित्र माना गया है। कहा गया है कि गंगा जल स्पर्श मात्र से पाप नष्ट होते हैं। लेकिन क्या केवल शरीर भिगो लेने से ही पाप नष्ट हो जाते हैं?इसी सत्य को समझाने [...]

दाह-संस्कार और कपाल-क्रिया: विज्ञान और आध्यात्मिकता का अद्भुत मेल

🔥 दाह-संस्कार और कपाल-क्रिया: विज्ञान और आध्यात्मिकता का अद्भुत मेल हमारी सनातन संस्कृति में जीवन के हर चरण के लिए संस्कार निर्धारित हैं। गर्भाधान से लेकर अंत्येष्टि तक कुल सोलह संस्कार बताए गए हैं। इनमें अंतिम संस्कार, या दाह-संस्कार, केवल शरीर को जलाना नहीं है, बल्कि यह जीवात्मा की आगे [...]

देवयानी, कच, शर्मिष्ठा और ययाति – महाभारत की अनसुनी प्रेम-त्रासदी की पूरी कथा

देवयानी, कच, शर्मिष्ठा और ययाति – महाभारत की अनसुनी प्रेम-त्रासदी की पूरी कथा भारतीय पुराणों में जितनी जटिल और भावनात्मक कथाएँ हैं, उनमें से एक है शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी, देवगुरु बृहस्पति के पुत्र कच, असुर-राजकुमारी शर्मिष्ठा, और राजा ययाति की अद्भुत कहानी।यह कथा प्रेम, त्याग, क्रोध, श्राप, नियति और [...]

गंगापुत्र भीष्म पितामह के 16 रहस्य

गंगापुत्र भीष्म पितामह के सोलह अद्भुत रहस्य महाभारत के सबसे तेजस्वी, पराक्रमी और धर्मनिष्ठ योद्धा भीष्म पितामह को देवता, ऋषि व स्वयं कृष्ण भी आदर देते थे। वे केवल हस्तिनापुर के महान सेनापति ही नहीं, बल्कि नीति-ज्ञान, तप, योग और ब्रह्मचर्य के प्रतीक भी थे। आइए जानें भीष्म पितामह के [...]

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) {तेरहवां अध्याय} “सपिण्डनादि-सर्वकर्मनिरुपण” नामक

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) “सपिण्डनादि-सर्वकर्मनिरुपण” नामक {तेरहवां अध्याय} अशौचकाल का निर्णय, अशौच में निषिद्ध कर्म, सपिण्डीकरण श्राद्ध, पिण्डमेलन की प्रक्रिया, शय्यादान, पददान तथा गया श्राद्ध की महिमा गरुड़ उवाच गरुड़जी ने कहा – हे प्रभो! सपिण्डन की विधि, सूतक का निर्णय और शय्यादान तथा पददान की सामग्री एवं उनकी [...]

श्रीमच्छङ्कराचार्य विरचितं श्रीकालिकाष्टकम् (सानुवाद सहित)

श्रीमच्छङ्कराचार्य विरचितं श्रीकालिकाष्टकम् (सानुवाद सहित) 🕉 परिचय श्रीकालिकाष्टकम् आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक महान स्तोत्र है, जिसमें माँ काली के विविध अद्भुत और रहस्यमयी स्वरूपों का वर्णन किया गया है। इसमें ध्यान, स्तुति, और फलश्रुति सभी का समावेश है। भक्त यदि श्रद्धापूर्वक इसका पाठ करें तो उन्हें सिद्धि, कल्याण और [...]