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मंत्र की शक्ति क्या है? जानिए मंत्र, बीज मंत्र, मंत्र जाप के नियम और आध्यात्मिक महत्व

मंत्र की शक्ति क्या है? जानिए मंत्र, बीज मंत्र, मंत्र जाप के नियम और आध्यात्मिक महत्व भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में मंत्र का विशेष महत्व माना गया है। वेद, उपनिषद, पुराण, योग और तंत्र परंपराओं में मंत्र-जप को मन को एकाग्र करने, साधना को दिशा देने और ईश्वर के प्रति श्रद्धा [...]

श्रीकृष्ण की अंतिम लीला: व्याध जरा का बाण और भगवान के पृथ्वी से प्रस्थान की कथा

श्रीकृष्ण की अंतिम लीला: व्याध जरा का बाण और भगवान के पृथ्वी से प्रस्थान की कथा 🌺 यदुवंश का अंत हो चुका था। बड़े भाई बलराम भी अपनी लीला पूर्ण कर चुके थे। अब द्वारका के उस महानायक के जीवन में भी वह क्षण निकट था, जब उन्हें अपने मानव [...]

राजा दशरथ की पुत्री शांता और शृंगी ऋषि का विवाह: क्या इसी कथा से जुड़ा है भगवान श्रीराम का जन्म?

राजा दशरथ की पुत्री शांता और शृंगी ऋषि का विवाह: क्या इसी कथा से जुड़ा है भगवान श्रीराम का जन्म? जिस राजकुमारी को अयोध्या से दूर कर दिया गया, वही आगे चलकर उस कथा की महत्वपूर्ण कड़ी बनीं, जिसे परंपरा भगवान श्रीराम के जन्म से जोड़ती है। आखिर कौन थीं [...]

जन्माष्टमी व्रत की विशेष महिमा: उपवास, रात्रि-जागरण और श्रीकृष्ण भक्ति का महत्व

जन्माष्टमी व्रत की विशेष महिमा: उपवास, रात्रि-जागरण और श्रीकृष्ण भक्ति का महत्व 4 सितंबर — श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सनातन परंपरा का एक अत्यंत पावन पर्व है। यह केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का दिन नहीं, बल्कि उपवास, जप, ध्यान, भक्ति और आत्मसंयम के माध्यम से स्वयं को भगवान [...]

गंगाजल घर में रखने के 9 महत्वपूर्ण नियम: जानें धार्मिक मान्यता, लाभ और श्रीगंगालहरी स्तोत्र का महत्व

गंगाजल घर में रखने के 9 महत्वपूर्ण नियम, धार्मिक लाभ एवं श्रीगंगालहरी स्तोत्र का महत्व भूमिका सनातन धर्म में माँ गंगा को केवल एक पवित्र नदी नहीं, बल्कि मोक्षदायिनी, पाप-नाशिनी और दिव्य शक्ति का स्वरूप माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि घर में श्रद्धापूर्वक गंगाजल रखने से वातावरण की [...]

देवशयनी एकादशी व्रत आज

देवशयनी एकादशी व्रत आज ********************** आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं। इसे ‘हरिशयनी एकादशी’ भी कहा जाता है। इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इन चार महीनों को चातुर्मास कहा जाता है, जिसमें कोई शुभ [...]