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क्या ब्रह्मा, विष्णु और महेश के भी माता-पिता थे? शिवपुराण की कथा और विभिन्न शास्त्रीय मत

क्या ब्रह्मा, विष्णु और महेश के भी माता-पिता थे? जानें शिवपुराण की कथा और विभिन्न शास्त्रीय मत सनातन धर्म में ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिदेव) को क्रमशः सृष्टि के सृजन, पालन और संहार का अधिष्ठाता माना जाता है। लेकिन समय-समय पर यह प्रश्न भी उठता है कि क्या त्रिदेव स्वयंभू [...]

भगवान विष्णु का हंस अवतार: आत्मज्ञान, विवेक और ब्रह्मविद्या का दिव्य संदेश

भगवान विष्णु का हंस अवतार: आत्मज्ञान, विवेक और ब्रह्मविद्या का दिव्य संदेश भगवान विष्णु के अनेक अवतारों में हंस अवतार अत्यंत अद्भुत और ज्ञानमय माना जाता है। यह अवतार किसी दैत्य-वध या धर्मयुद्ध के लिए नहीं, बल्कि आत्मज्ञान, विवेक और ब्रह्मविद्या का प्रकाश फैलाने के लिए प्रकट हुआ था। श्रीमद्भागवत [...]

पूजा करते समय सिर ढंकना क्यों जरूरी माना जाता है? जानिए धार्मिक मान्यता, आध्यात्मिक महत्व और व्यवहारिक कारण

पूजा करते समय सिर ढंकना क्यों जरूरी माना जाता है? जानिए धार्मिक मान्यता, आध्यात्मिक महत्व और व्यवहारिक कारण क्या पूजा के समय सिर ढंकना आवश्यक है? सनातन हिंदू परंपरा में पूजा, यज्ञ, हवन, विवाह संस्कार और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान सिर ढंकने की प्राचीन परंपरा रही है। आज भी [...]

भगवान गणेश के कटे हुए मस्तक का रहस्य: क्या पाताल भुवनेश्वर गुफा में सुरक्षित है गणेशजी का असली सिर?

भगवान गणेश के कटे हुए मस्तक का रहस्य: क्या पाताल भुवनेश्वर गुफा में सुरक्षित है गणेशजी का असली सिर? भगवान गणेश सनातन धर्म में प्रथम पूज्य देवता माने जाते हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनके स्मरण के बिना अधूरी मानी जाती है। गणेशजी के गजानन स्वरूप के पीछे [...]

देवताओं की पत्नियाँ संतान क्यों नहीं देतीं?” — शास्त्रों में वर्णित कथा और उसका वास्तविक अर्थ

🔥 “देवताओं की पत्नियाँ संतान क्यों नहीं देतीं?” — शास्त्रों में वर्णित कथा और उसका वास्तविक अर्थ 🕉️ विषय को समझने से पहले एक जरूरी बात लोकप्रिय कथाओं में अक्सर यह कहा जाता है कि देवताओं की पत्नियाँ प्राकृतिक रूप से संतान उत्पन्न नहीं करतीं और इसके पीछे एक श्राप [...]

अबूझ मुहूर्त का पाखण्ड: क्या हर पर्व सच में शुभ होता है?

अबूझ मुहूर्त का पाखण्ड: क्या हर पर्व सच में शुभ होता है? आज के समय में एक नई प्रवृत्ति तेजी से देखने को मिल रही है—लोग विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञोपवीत जैसे महत्वपूर्ण संस्कारों के लिए ज्योतिषीय मुहूर्त निकलवाने के बजाय कुछ खास पर्वों को ही “अबूझ मुहूर्त” मानकर उसी दिन कार्य [...]