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जम्मू और कश्मीर में डोगरा शासन के खिलाफ 1931 के विद्रोह के शहीदों को श्रद्धाजंलि अर्पित करने का दिन आज

जम्मू और कश्मीर में डोगरा शासन के खिलाफ 1931 के विद्रोह के शहीदों को श्रद्धाजंलि अर्पित करने का दिन आज
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डोगरा साम्राज्य के उदय का दिन 13 जुलाई को मनाया जाता है।डोगरा राजवंश, उत्तर भारत का एक राजपूत राजवंश था। इसकी स्थापना महाराजा गुलाब सिंह ने की थी।
इस राजवंश की जड़ें इक्ष्वाकु वंश तक जातीं हैं। ये कश्यप राजपूत, मेहरा राजपूत, जामवाल राजपूत जाति समूह से सम्बन्ध रखते हैं। .
✍️15 जून 1819 को कश्मीर में सिख शासन की स्थापना हुई। महाराजा रणजीत सिंह ने जम्मू को पंजाब में मिला लिया था। बाद में उन्होंने गुलाब सिंह को जम्मू सौंप दिया। 1839 में रणजीत सिंह की मृत्यु के साथ लाहौर का सिख साम्राज्य बिखरने लगा। अंग्रेज़ों के लिए यह अफगानिस्तान की खतरनाक सीमा पर नियंत्रण का मौका था तो जम्मू के राजा गुलाब सिंह के लिए खुद को स्वतंत्र घोषित करने का।
जम्मू और कश्मीर के महाराजा-
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a.महाराजा गुलाब सिंह (1822 से 1856 तक)
b.महाराजा रणबीर सिंह (1856 से 1885 तक)
c.महाराजा प्रताप सिंह (1885 से 1925 तक)
d.महाराजा हरि सिंह (1925 से 1947 तक)।
सन् 1947 तक जम्मू और कश्मीर पर डोगरा शासकों का शासन रहा। इसके बाद महाराज हरि सिंह ने 26 अक्तूबर 1947 को भारतीय संघ में विलय के समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए।
राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद

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