श्री शक्ति पूजा आज
श्री शक्ति पूजा आज
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शक्ति पूजा हिंदू धर्म में ब्रह्मांड की सर्वोच्च नारी शक्ति (आदि शक्ति या देवी) की आराधना करने की एक प्रमुख परंपरा है।
शक्ति पूजा का अर्थ और महत्व
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दिव्य ऊर्जा:
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‘शक्ति’ शब्द संस्कृत के ‘शक्’ धातु से बना है, जिसका अर्थ है कार्य करने की क्षमता या ऊर्जा। यह ब्रह्मांड की रचनात्मक और संचालक शक्ति है।
स्वरूप:
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इसमें देवी को माँ (दिव्य जननी) के रूप में पूजा जाता है। इनके विभिन्न रूप जैसे दुर्गा, काली, लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती मुख्य हैं।
उद्देश्य:
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इसे आंतरिक विकारों (अहंकार, काम, अज्ञान) को दूर करने और भौतिक सुख व आध्यात्मिक मुक्ति (भुक्ति और मुक्ति) की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
प्रमुख रूप और उत्सव
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नारदीय/नवरात्रि:
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नवरात्रि का पर्व शक्ति पूजा का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है, जिसमें नौ दिनों तक देवी दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है।
शाक्त परंपरा:
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हिंदू धर्म का ‘शाक्त संप्रदाय’ पूरी तरह देवी को ही सर्वोच्च परम सत्य मानता है। इसमें मंत्र जाप, तंत्र, योग और अनुष्ठान प्रमुख हैं।
राजेन्द्र गुप्ता,
ज्योतिषी और हस्तरेखाविद्
