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“सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) – नवां अध्याय (म्रियमाणकृत्यनिरुपण)

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) “म्रियमाणकृत्यनिरुपण” नामक {नवां अध्याय} मरणासन्न व्यक्तियों के निमित्त किये जाने वाले कृत्य गरुड़ उवाच गरुड़जी बोले – हे प्रभो! आपने आतुरकालिक दान के संदर्भ में भली भाँति कहा। अब म्रियमाण (मरणासन्न) व्यक्ति के लिए जो कुछ करना चाहिए, उसे बताइए। श्रीभगवानुवाच श्रीभगवान ने कहा – [...]

गुरुवार की पूजा: घर में ना हो केले का पेड़ तो ऐसे करें पूजा 🌼

गुरुवार की पूजा: घर में ना हो केले का पेड़ तो ऐसे करें पूजा 🌼 गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित है। परंपरागत रूप से इस दिन केले के पेड़ की पूजा की जाती है। लेकिन अगर आपके घर पर केले का पेड़ नहीं है, तो [...]

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण आठवाँ अध्याय – आतुरदाननिरूपण

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) {आठवाँ अध्याय} – आतुरदाननिरूपण गरुड उवाच गरुड़ जी ने कहा – हे तार्क्ष्य ! मनुष्यों के हित की दृष्टि से आपने बड़ी उत्तम बात पूछी है। धार्मिक मनुष्य के लिए करने योग्य जो कृत्य हैं, वह सब कुछ मैं तुम्हें कहता हूँ। पुण्यात्मा व्यक्ति वृद्धावस्था [...]

🌹अगर बरकत चाहते हैं तो करें ये 17 अचूक उपाय🌹

🌹अगर बरकत चाहते हैं तो करें ये 17 अचूक उपाय🌹 बरकत क्या है? ‘बरकत’ का अर्थ है — प्रचुरता, abundance, यानी वह स्थिति जिसमें आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद भी घर में अन्न, धन और संसाधन शेष रहें। बरकत को प्रभु की कृपा, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता [...]

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) – बभ्रुवाहन प्रेत संस्कार कथा | सातवां अध्याय

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) बभ्रुवाहनप्रेतसंस्कार नामक {सातवां अध्याय} 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ इस अध्याय में पुत्र की महिमा, दूसरे के द्वारा दिये गये पिण्डदान आदि से प्रेतत्व से मुक्ति की बात कही गई है – इस संदर्भ में राजा बभ्रुवाहन तथा एक प्रेत की कथा का वर्णन है। सूत उवाच सूतजी ने [...]

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) छठा अध्याय

गरुड़ उवाच गरुड़ जी ने कहा – हे केशव ! नरक से आया हुआ जीव माता के गर्भ में कैसे उत्पन्न होता है? वह गर्भवास आदि के दु:खों को जिस प्रकार भोगता है, वह सब भी मुझे बताइए। विष्णुरुवाच भगवान विष्णु ने कहा – स्त्री और पुरुष के संयोग से [...]