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शुकदेवजी के जन्म से पहले गर्भ में ही क्यों लेनी पड़ी भगवान श्रीकृष्ण की “जमानत”?

🕉️ शुकदेवजी के जन्म से पहले गर्भ में ही क्यों लेनी पड़ी भगवान श्रीकृष्ण की “जमानत”? यह प्रसंग केवल एक कथा नहीं, बल्कि गहन आध्यात्मिक सत्य को प्रकट करता है। इसमें बताया गया है कि माया (भ्रम) से मुक्त रहना कितना कठिन है, और उससे बचने के लिए दिव्य आश्रय [...]

गरुड़ पुराण के अनुसार सफलता के 6 अचूक उपाय जो बदल सकते हैं आपका जीवन

🕉️ गरुड़ पुराण के अनुसार सफलता के 6 अचूक उपाय जो बदल सकते हैं आपका जीवन अक्सर लोग गरुड़ पुराण को केवल मृत्यु के बाद की बातों से जोड़ते हैं, लेकिन यह ग्रंथ जीवन को सही दिशा देने और सफलता पाने के गहरे सूत्र भी बताता है। एक प्रसिद्ध श्लोक [...]

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण अध्याय 12 : एकादशाहविधिनिरूपण

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी) अध्याय 12 : एकादशाहविधिनिरूपण एकादशाहकृत्य-निरुपण, मृत-शय्यादान, गोदान, घटदान, अष्टमहादान, वृषोत्सर्ग, मध्यमषोडशी, उत्तमषोडशी एवं नारायणबलि गरुड़ उवाच गरुड़जी ने कहा – हे सुरेश्वर ! ग्यारहवें दिन के कृत्य-विधान को भी बताइए और हे जगदीश्वर! वृषोत्सर्ग की विधि भी बताइये। श्रीभगवानुवाच श्रीभगवान ने कहा – ग्यारहवें दिन प्रात:काल [...]

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) – बभ्रुवाहन प्रेत संस्कार कथा | सातवां अध्याय

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) बभ्रुवाहनप्रेतसंस्कार नामक {सातवां अध्याय} 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ इस अध्याय में पुत्र की महिमा, दूसरे के द्वारा दिये गये पिण्डदान आदि से प्रेतत्व से मुक्ति की बात कही गई है – इस संदर्भ में राजा बभ्रुवाहन तथा एक प्रेत की कथा का वर्णन है। सूत उवाच सूतजी ने [...]