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क्यों केवल भगवान शिव ही साकार और निराकार (लिंग रूप) दोनों में पूजित हैं? — शास्त्रों के आधार पर गूढ़ रहस्य

🪷 प्रस्तावना भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में भगवान शिव को परम ब्रह्म माना गया है। वे ही एकमात्र ऐसे देवता हैं जिनकी पूजा साकार (मूर्ति रूप) और निराकार (लिंग रूप)—दोनों रूपों में की जाती है। यह प्रश्न अक्सर उठता है कि ऐसा क्यों केवल शिव के साथ ही होता है? इसका [...]

क्या भगवान शिव का चरणोदक और प्रसाद ग्रहण करना चाहिए? जानिए शास्त्रों का मत

क्या भगवान शिव का चरणोदक और प्रसाद ग्रहण करना चाहिए? जानिए शास्त्रों का मत सनातन धर्म में भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा गया है। उनकी पूजा, अभिषेक, रुद्राभिषेक, बिल्वपत्र अर्पण तथा प्रसाद ग्रहण की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। किंतु कुछ स्थानों पर यह [...]

चम्पक द्वादशी व्रत

चम्पक द्वादशी व्रत आज *********************** ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को चम्पक द्वादशी कहा जाता है। इसे राघव द्वादशी या रामलक्ष्मण द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण (गोविंद विट्ठलनाथ जी) और प्रभु श्री राम-लक्ष्मण की पूजा की जाती [...]

भिखारी नहीं, 47 जिंदगियों का निर्माता: एक अनसुने नायक की भावुक कहानी

भिखारी नहीं, 47 जिंदगियों का निर्माता: एक अनसुने नायक की भावुक कहानी जब एक फटे कपड़ों वाला वृद्ध निकला सैकड़ों सपनों का संरक्षक प्रस्तावना हम अक्सर लोगों का मूल्यांकन उनके कपड़ों, रहन-सहन और सामाजिक स्थिति से कर लेते हैं। लेकिन इतिहास और जीवन बार-बार यह सिखाते हैं कि असली महानता [...]

गंगा दशहरा व्रत

गंगा दशहरा व्रत आज ********************* हिंदू धर्म में गंगा दशहरा को एक अत्यंत पवित्र और श्रद्धा से मनाया जाने वाला पर्व माना जाता है। यह दिन मां गंगा के धरती पर अवतरण का प्रतीक है, जिसे आध्यात्मिक शुद्धि और पापों से मुक्ति का अवसर माना जाता है। हर वर्ष ज्येष्ठ [...]

हनुमान जी के 12 नामों का रहस्य और 108 नामों का महत्व

हनुमान जी के 12 नामों का रहस्य और 108 नामों का महत्व हनुमान जी केवल शक्ति और भक्ति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि उनके प्रत्येक नाम में एक विशेष भाव, गुण और कथा छिपी हुई है। सनातन परंपरा में माना जाता है कि हनुमान जी के नामों का स्मरण साहस, [...]