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दालें और यूरिक एसिड: सच्चाई, अफवाह और सेहत का विज्ञान

दालें और यूरिक एसिड: सच्चाई को जानिए, अफवाहों में न उलझें

क्या आपने भी कभी किसी से ये सुना है – “दाल मत खाओ, इससे यूरिक एसिड बढ़ता है!”
दिक्कत ये है कि इस बात को इतनी बार दोहराया गया है कि लोग इसे सच मान बैठे हैं। लेकिन हकीकत क्या है?

दालों से यूरिक एसिड सीधे नहीं बनता। यूरिक एसिड का मुख्य कारण होता है – प्यूरिन, एक ऐसा तत्व जो हमारे शरीर में टूटकर यूरिक एसिड में बदलता है। और प्यूरिन सबसे ज्यादा पाया जाता है:

  • रेड मीट

  • समुद्री मछलियों

  • शराब

  • मीठे शुगरी ड्रिंक्स

अब बात करते हैं दालों की।
दालों में भी प्यूरिन होता है, लेकिन बहुत ही कम मात्रा में। इतना कम कि एक स्वस्थ व्यक्ति अगर रोज़ दाल खा रहा है, तो उससे यूरिक एसिड बढ़ने की संभावना नहीं के बराबर है।

🍽️ भारतीय थाली में दाल की अहमियत

हमारे देश में भोजन में प्रोटीन की कमी आम बात है। ज़्यादातर भोजन कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है और प्रोटीन कम मिलता है। ऐसे में दालें ही वह सस्ती, सुपाच्य और पोषण से भरपूर चीज़ हैं जो शरीर को ताकत देती हैं, मांसपेशियों को मज़बूत करती हैं और इम्युनिटी बढ़ाती हैं।

मज़े की बात ये है कि फास्ट फूड, शराब और रेड मीट से यूरिक एसिड असल में बढ़ता है, मगर लोग उसके बारे में बात नहीं करते – और बेचारी दालों को बदनाम कर देते हैं!


🥣 प्रमुख दालों का आयुर्वेदिक और पोषणात्मक मूल्य

मूंग दाल

  • हल्की, त्रिदोष शामक (कफ-पित्त को विशेष रूप से शांत करती है)

  • सुपाच्य – बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं के लिए उपयुक्त

  • बुखार, उल्टी, अपच और अतिसार में लाभकारी

  • प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत

मसूर दाल

  • पित्त को शांत करती है

  • रक्त को शुद्ध करती है

  • त्वचा रोग, ब्लीडिंग डिसऑर्डर, मधुमेह में लाभकारी

  • ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में सहायक

चना दाल

  • मधुर, रुक्ष और बलवर्धक

  • मांसपेशियों को मज़बूत करती है

  • मूत्र रोगों और शुक्र दोष में उपयोगी

  • डायबिटिक पेशेंट्स के लिए भी सुरक्षित

अरहर (तुअर) दाल

  • पौष्टिक, बलवर्धक

  • वातवर्धक, लेकिन खांसी और सांस रोगों में उपयोगी

  • मध्यम पाच्य

उड़द दाल

  • भारी, बलवर्धक और शुक्रवर्धक

  • कमजोरी, बाँझपन और हड्डी-स्नायु संबंधी समस्याओं में उपयोगी

कुलथी दाल

  • किडनी स्टोन, जोड़ों के दर्द, मोटापा और पाचन विकारों में लाभकारी

मटर दाल

  • कफ-पित्त को कम करती है, लेकिन वातवर्धक

  • कब्ज, हृदय रोग और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में सहायक


⚠️ निष्कर्ष: दालों से डरें नहीं, उन्हें समझें

इसलिए अगली बार कोई कहे कि दाल से यूरिक एसिड बढ़ता है, तो उसे यह जानकारी जरूर शेयर करें।
दालें हमारे भोजन का एक ज़रूरी हिस्सा हैं – ताकत की, प्रोटीन की और सेहत की नींव।

👉 दाल खाना बंद ना करें, बस समझदारी से चुनें।

और हाँ, दाल में छौंक ज़रूर लगाएं – हींग, जीरा, हल्दी और थोड़ा देसी घी या तेल।
तेल और तड़का वात को संतुलित करता है, और स्वाद को भी!

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