Search for:
  • Home/
  • Tag: #सनातनधर्म

🕉️ हनुमान जी का रावण को उपदेश: वैराग्य, भक्ति और अमरत्व का सूत्र

🕉️ हनुमान जी का रावण को उपदेश: वैराग्य, भक्ति और अमरत्व का सूत्र लंका में हनुमान जी का प्रवेश केवल बल-पराक्रम का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि वह वैराग्य, विनय और विवेक का जीवंत संदेश भी था। रावण और हनुमान जी के संवाद में छिपा यह उपदेश आज भी साधकों और [...]

मासिक दुर्गाष्टमी आज

मासिक दुर्गाष्टमी आज हिंदू धर्म में मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। हर महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गाष्टमी मनाई जाती है। यह दिन मां दुर्गा को खुश करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए [...]

अंगारक विनायक चतुर्थी व्रत आज

जब किसी महीने की चतुर्थी तिथि का संयोग मंगलवार को होता है तो इसे अंगारक चतुर्थी कहते हैं। साल में 2 या 3 बार ही अंगारक चतुर्थी का संयोग बनता है, इसलिए इसे बहुत ही शुभ मानते हैं। साल 2025 की अंतिम अंगारक चतुर्थी का संयोग इस बार 23 दिसंबर, [...]

आलसी का भला कोई नहीं कर सकता – प्रेरणादायक कहानी

आलसी का भला कोई नहीं कर सकता – एक प्रेरक कहानी किसी गांव में एक ब्राह्मण रहता था। वह स्वभाव से भला था, लेकिन एक बड़ी कमजोरी थी—वह अत्यंत आलसी था। हर काम को टाल देता और हमेशा भाग्य पर निर्भर रहता।एक दिन एक साधु उसके घर आए। ब्राह्मण और [...]

प्रदोष व्रत आज

प्रदोष व्रत आज प्रदोष व्रत को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस समय भगवान [...]

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) – दसवां अध्याय (दाहास्थिसंचयकर्मनिरुपण)

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) – दसवां अध्याय (दाहास्थिसंचयकर्मनिरुपण) और्ध्वदैहिक कृत्यों को करने से पुत्र और पौत्र, पितृ-ऋण से मुक्त हो जाते हैं, उसे बताता हूँ, सुनो। बहुत-से दान देने से क्या लाभ? माता-पिता की अन्त्येष्टि क्रिया भली-भाँति करें, उससे पुत्र को अग्निष्टोम याग के समान फल प्राप्त हो जाता [...]