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रुष्ट पितृ शांति साधना: पितृपक्ष में लोक-साबर मंत्र, विधि और सावधानियाँ

।। ॐ पितृ देवाय नमः ।। रुष्ट पितृ शांति साधना: पितृपक्ष में लोक-साबर मंत्र, विधि और सावधानियाँ क्या पितृपक्ष में पितरों का स्मरण केवल श्राद्ध और तर्पण तक सीमित है? भारतीय सनातन परंपरा में पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का विशेष महत्व है। श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान, दान, ब्राह्मण भोजन [...]

क्या होता है मुहूर्त

क्या होता है मुहूर्त *************** कैसे बदल सकता है ये आपका भाग्य ======================== मुहूर्त को भारतीय ज्योतिष में किसी कार्य विशेष को प्रारंभ एवं संपादित करने हेतु एक निर्दिष्ट शुभ समय कहा गया है। ज्योतिष के अनुसार शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करने से कार्य बिना किसी रुकावट के और [...]

क्या गुरुवार को बाल धोना वर्जित है? जानिए शास्त्र, परंपरा और मान्यता का सच

क्या गुरुवार को बाल धोना वर्जित है? जानिए शास्त्र, परंपरा और मान्यता का सच 🌿🕉️ “क्या गुरुवार को सिर धोना या घर में झाड़ू-पोंछा करना अशुभ माना गया है?” भारतीय परिवारों में लंबे समय से यह मान्यता सुनने को मिलती है कि गुरुवार के दिन महिलाओं को बाल नहीं धोने [...]

नित्य और अनित्य पितर गण: पितृलोक, पितृआत्मा और पितृपक्ष की पारंपरिक मान्यता

नित्य और अनित्य पितर गण: पितृलोक, पितृआत्मा और पितृपक्ष की पारंपरिक मान्यता भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में पितरों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। सनातन परंपरा में यह विश्वास रहा है कि मनुष्य केवल अपने वर्तमान जीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके पूर्वजों, वंश-परंपरा और संस्कारों का भी उसके [...]

जीवित्पुत्रिका व्रत

जीवित्पुत्रिका व्रत आज ******************* जीवित्पुत्रिका व्रत (जिसे जितिया या जीउतिया भी कहा जाता है) संतान की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और सुखी जीवन के लिए रखा जाने वाला एक अत्यंत कठिन और पवित्र हिंदू व्रत है। यह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और नेपाल के तराई क्षेत्रों में [...]

कलियुग के प्रति भगवान की चिंता और श्री जयदेव जी की दिव्य कथा 🙏🌺

कलियुग के प्रति भगवान की चिंता और श्री जयदेव जी की दिव्य कथा 🙏🌺 “कलियुग में भक्ति ही सबसे सरल मार्ग है।” सनातन परंपरा में कलियुग को ऐसा युग बताया गया है, जिसमें मनुष्य के जीवन में मोह, अहंकार, भ्रम और सांसारिक व्यस्तताएँ बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में कठिन [...]