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LDL कोलेस्ट्रॉल 136 mg/dL: क्या यह चिंता का विषय है? जानें कारण, आयुर्वेदिक उपाय, आहार और 30-दिवसीय योजना

LDL कोलेस्ट्रॉल 136 mg/dL: क्या यह चिंता का विषय है? जानें आयुर्वेदिक उपाय, सही आहार और 30-दिवसीय योजना आजकल बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल हृदय रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में से एक माना जाता है। कई लोगों की स्वास्थ्य जांच में LDL (Low Density Lipoprotein) कोलेस्ट्रॉल का स्तर 130–159 mg/dL के [...]

चरस (Charas) : आयुर्वेदिक दृष्टि से गुण, उपयोग और सावधानियाँ

चरस (Charas) : आयुर्वेदिक दृष्टि से गुण, उपयोग और सावधानियाँ चरस, जो Cannabis sativa का रेज़िन (स्राव) है, आयुर्वेद में एक अत्यंत तीव्र “उपविष” के रूप में वर्णित किया गया है। इसका अर्थ है कि यह औषधीय गुणों के बावजूद सावधानीपूर्वक और सीमित उपयोग के योग्य है।आयुर्वेद में इसका उपयोग [...]

आयुर्वेद में ‘गुल्म रोग’ क्या है? पेट में बनने वाली गांठ, सूजन और ट्यूमर जैसी समस्या को समझें

🌿 आयुर्वेद में ‘गुल्म रोग’ क्या है? पेट में बनने वाली गांठ, सूजन और ट्यूमर जैसी समस्या को समझें आयुर्वेद में गुल्म एक गंभीर उदर (पेट) रोग माना गया है, जिसमें पेट के अंदर गांठ, सूजन, वायु का गोला या ग्रंथि जैसी संरचना विकसित हो जाती है। यह समस्या मुख्य [...]

एलादिवटी: रक्तपित्त से लेकर दमा और टीबी तक में प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि

  आयुर्वेद में कई ऐसी पारंपरिक औषधियाँ हैं जो एक साथ अनेक गंभीर रोगों पर प्रभाव डालती हैं। एलादिवटी, जिसका उल्लेख अष्टाङ्ग संग्रह में मिलता है, ऐसी ही एक शक्तिशाली औषधि है। यह वटी त्रिदोष को संतुलित करती है और विशेष रूप से रक्तपित्त, श्वास रोग और शरीर की कमजोरी [...]

श्वास रोग में “एक दवा सब पर भारी” क्यों है बहेड़ा? आचार्य वाग्भट का आयुर्वेदिक रहस्य

आज के समय में सांस से जुड़ी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं — सांस फूलना, पुरानी खांसी, बार-बार कफ जमना, ब्रोंकाइटिस, स्मोकिंग से खराब फेफड़े और टीबी या निमोनिया के बाद कमजोरी। आयुर्वेद में इन सभी समस्याओं को श्वास और कास रोग कहा गया है। लेकिन आयुर्वेद के महान [...]

🌿 मकोय (Solanum nigrum): फायदे, उपयोग, मात्रा और सावधानियाँ – संपूर्ण जानकारी

🌿 मकोय (Solanum nigrum): फायदे, उपयोग, मात्रा और सावधानियाँ – संपूर्ण जानकारी मकोय, जिसे संस्कृत में काकमाची और अंग्रेज़ी में Black Nightshade कहा जाता है, एक अत्यंत प्रभावशाली आयुर्वेदिक औषधीय पौधा है। आयुर्वेद, यूनानी और लोक चिकित्सा में इसका उपयोग लीवर रोग, पेट की समस्याएँ, बुखार, त्वचा रोग, मूत्र विकार [...]