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आलसी का भला कोई नहीं कर सकता – प्रेरणादायक कहानी

आलसी का भला कोई नहीं कर सकता – एक प्रेरक कहानी किसी गांव में एक ब्राह्मण रहता था। वह स्वभाव से भला था, लेकिन एक बड़ी कमजोरी थी—वह अत्यंत आलसी था। हर काम को टाल देता और हमेशा भाग्य पर निर्भर रहता।एक दिन एक साधु उसके घर आए। ब्राह्मण और [...]

प्रदोष व्रत आज

प्रदोष व्रत आज प्रदोष व्रत को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है। हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस समय भगवान [...]

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) – दसवां अध्याय (दाहास्थिसंचयकर्मनिरुपण)

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) – दसवां अध्याय (दाहास्थिसंचयकर्मनिरुपण) और्ध्वदैहिक कृत्यों को करने से पुत्र और पौत्र, पितृ-ऋण से मुक्त हो जाते हैं, उसे बताता हूँ, सुनो। बहुत-से दान देने से क्या लाभ? माता-पिता की अन्त्येष्टि क्रिया भली-भाँति करें, उससे पुत्र को अग्निष्टोम याग के समान फल प्राप्त हो जाता [...]

“सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) – नवां अध्याय (म्रियमाणकृत्यनिरुपण)

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) “म्रियमाणकृत्यनिरुपण” नामक {नवां अध्याय} मरणासन्न व्यक्तियों के निमित्त किये जाने वाले कृत्य गरुड़ उवाच गरुड़जी बोले – हे प्रभो! आपने आतुरकालिक दान के संदर्भ में भली भाँति कहा। अब म्रियमाण (मरणासन्न) व्यक्ति के लिए जो कुछ करना चाहिए, उसे बताइए। श्रीभगवानुवाच श्रीभगवान ने कहा – [...]

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण आठवाँ अध्याय – आतुरदाननिरूपण

सम्पूर्ण गरुड़ पुराण (हिन्दी में) {आठवाँ अध्याय} – आतुरदाननिरूपण गरुड उवाच गरुड़ जी ने कहा – हे तार्क्ष्य ! मनुष्यों के हित की दृष्टि से आपने बड़ी उत्तम बात पूछी है। धार्मिक मनुष्य के लिए करने योग्य जो कृत्य हैं, वह सब कुछ मैं तुम्हें कहता हूँ। पुण्यात्मा व्यक्ति वृद्धावस्था [...]

एक वैदिक कथा: जब राजा ने बकरे को तृप्त करने की शर्त रखी

🧠 एक वैदिक कथा: जब राजा ने बकरे को तृप्त करने की शर्त रखी — मन की चंचलता और आत्म-संयम का अद्भुत प्रतीक प्राचीनकाल में एक धर्मनिष्ठ राजा ने एक विचित्र घोषणा की:“जो कोई इस बकरे को वन में ले जाकर पूर्णतः तृप्त कर दे, मैं अपना आधा राज्य उसे [...]